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अयोध्या चढ़ावा मामले में SIT की अंतिम रिपोर्ट ट्रस्ट को सौंपी गई, अब आगे की कार्रवाई पर नजर

उत्तर प्रदेश गृह विभाग ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को रिपोर्ट सौंपी; जांच में पूर्व ट्रस्ट पदाधिकारियों चंपत राय और अनिल मिश्रा को क्लीन चिट मिलने की जानकारी

अयोध्या/लखनऊ: राम मंदिर में चढ़ावे और दान की रकम में कथित अनियमितताओं से जुड़े मामले में जांच अब एक अहम पड़ाव पर पहुंच गई है। उत्तर प्रदेश गृह विभाग ने विशेष जांच दल (SIT) की अंतिम रिपोर्ट श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंप दी है। रिपोर्ट के आधार पर अब ट्रस्ट की ओर से आगे की कार्रवाई की जाएगी।

SIT की अंतिम रिपोर्ट में ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और पूर्व ट्रस्ट सदस्य अनिल मिश्रा को मामले में क्लीन चिट दिए जाने की जानकारी सामने आई है। दोनों ने चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं के आरोप सामने आने के बाद जून में अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था।

जून में शुरू हुई थी जांच

राम मंदिर में चढ़ावे की रकम और उसके प्रबंधन को लेकर जून में विवाद सामने आया था। इसके बाद ट्रस्ट के अनुरोध पर उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को तीन सदस्यीय SIT का गठन किया था। टीम की अध्यक्षता लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत कर रहे थे। इसमें लखनऊ रेंज के आईजी किरण एस और वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन कुमार शामिल थे।

SIT ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट 23 जून को सरकार को सौंपी थी। इस रिपोर्ट के आधार पर ट्रस्ट सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर 25 जून को अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि थाने में FIR दर्ज की गई थी। मामले में आठ लोगों को आरोपी बनाया गया और बाद में उनकी गिरफ्तारी हुई।

प्रारंभिक जांच में सामने आई थीं कई अनियमितताएं

प्रारंभिक जांच में चढ़ावे की रकम के संग्रह, गिनती और प्रबंधन से जुड़ी कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल उठे थे। पुलिस कार्रवाई के दौरान आरोपियों से करीब 79.85 लाख रुपये नकद बरामद किए जाने की भी रिपोर्ट सामने आई थी।

मामला बाद में सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में भी आया। अदालत ने SIT से जांच की स्थिति की रिपोर्ट देने और मामले को तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाने को कहा था।

अब ट्रस्ट की बैठक में रिपोर्ट पर होगी चर्चा

गृह विभाग द्वारा रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद अब इसके निष्कर्षों के आधार पर आगे की प्रक्रिया तय की जानी है। रिपोर्ट को ट्रस्ट की आगामी बैठक में रखा जाना है, जहां जांच के निष्कर्षों और आगे की कार्रवाई पर चर्चा हो सकती है।

इस बीच, मामले में पूर्व ट्रस्ट पदाधिकारियों को क्लीन चिट मिलने की जानकारी सामने आने से जांच के निष्कर्षों पर ध्यान केंद्रित हो गया है। हालांकि, मामले में पहले दर्ज FIR और गिरफ्तार किए गए आरोपियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया अपने स्तर पर जारी रहेगी।

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