अयोध्या जिला अदालत में पेश होगी SIT की चार्जशीट; CCTV फुटेज, आरोपियों के बयान, बरामदगी, वाहन और दस्तावेजों को बनाया गया साक्ष्य

अयोध्या: राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण में जांच एजेंसी आज, 23 सितंबर को जिला अदालत में करीब 40 हजार पन्नों की चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी में है। पुलिस का दावा है कि जांच के दौरान गिरफ्तार किए गए आठ आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य जुटाए गए हैं। चार्जशीट में इलेक्ट्रॉनिक और भौतिक साक्ष्यों के साथ आरोपियों से पूछताछ के दौरान सामने आई जानकारियों को भी शामिल किया गया है।
CCTV फुटेज में 105 से ज्यादा घटनाओं का दावा
जांच में सामने आए CCTV फुटेज को मामले का अहम साक्ष्य माना जा रहा है। पुलिस के अनुसार, 27 अप्रैल से 5 जून के बीच मंदिर परिसर में चढ़ावे की रकम को कथित तौर पर निकालने या छिपाने से जुड़ी 105 से अधिक संदिग्ध घटनाएं चिन्हित की गई हैं। इन फुटेज का मिलान आरोपियों के बयानों और अन्य साक्ष्यों से किया गया है।
पहले की जांच में इसी अवधि के दौरान 70 से अधिक संदिग्ध गतिविधियों की पहचान किए जाने की बात सामने आई थी। बाद की विवेचना में CCTV फुटेज की विस्तृत पड़ताल के बाद यह संख्या 105 से अधिक बताई गई है।
किन साक्ष्यों को चार्जशीट में किया गया शामिल?
जांच एजेंसी ने चार्जशीट में कई तरह के साक्ष्यों को शामिल किया है। इनमें—
- मंदिर परिसर और आसपास के CCTV फुटेज
- आरोपियों के बयान
- बरामद नकदी और अन्य सामान
- इस्तेमाल किए गए वाहनों
- संबंधित दस्तावेज
- इलेक्ट्रॉनिक डेटा
- अन्य भौतिक साक्ष्य
शामिल बताए जा रहे हैं। पुलिस ने इन सभी साक्ष्यों को आपस में जोड़कर आरोपियों की कथित भूमिका की जांच की है।
आठ आरोपी जांच के दायरे में
मामले में पुलिस ने आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू, सुभाष श्रीवास्तव, अनुकल्प मिश्रा, रमा शंकर मिश्रा, मनीष कुमार यादव, अविनाश शुक्ला, लवकुश और करुणेश के नाम सामने आए हैं। जांच के दौरान पुलिस ने कथित तौर पर रकम निकालने, छिपाने, बांटने और उसके इस्तेमाल से जुड़े पहलुओं पर पूछताछ की है।
शुरुआती जांच में करीब 79 लाख रुपये की बरामदगी का उल्लेख किया गया था। इसके बाद रिमांड के दौरान पूछताछ और अन्य बरामदगी के आधार पर जांच का दायरा बढ़ा। वाहनों, आभूषणों और दस्तावेजों को भी विवेचना का हिस्सा बनाया गया।
चार्जशीट के बाद सामने आएगी जांच की पूरी तस्वीर
मामले की विवेचना के दौरान श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व पदाधिकारियों समेत संबंधित लोगों के बयान भी दर्ज किए गए हैं। हालांकि, किस व्यक्ति के खिलाफ किस स्तर पर क्या आरोप लगाए गए हैं और किन साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई प्रस्तावित है, इसकी विस्तृत तस्वीर चार्जशीट अदालत में दाखिल होने के बाद स्पष्ट होगी।
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