अगमकुआं में छापेमारी के दौरान 89 एटीएम कार्ड, 76 पासबुक और 82 चेकबुक बरामद; ठगी की रकम निकालकर कमीशन पर पहुंचाने का आरोप।

पटना: साइबर अपराध से जुड़े कथित वित्तीय नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पटना साइबर थाना पुलिस ने 10 लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि यह अंतरराज्यीय गिरोह साइबर ठगी से हासिल रकम को बैंक खातों के जरिए निकालने और आगे पहुंचाने में मदद करता था। पुलिस ने आरोपियों के पास से बड़ी संख्या में बैंकिंग दस्तावेज, मोबाइल फोन और नकदी बरामद की है।
पुलिस ने अगमकुआं थाना क्षेत्र के शीतलानगर नहर रोड स्थित एक मकान में छापेमारी कर यह कार्रवाई की। शुरुआती जांच के मुताबिक, गिरोह के सदस्य बैंक खातों के माध्यम से लेनदेन करते थे और कथित तौर पर ठगी की रकम निकालकर संबंधित साइबर अपराधियों तक पहुंचाते थे। इस काम के बदले उन्हें कमीशन मिलने का आरोप है।
छापेमारी में क्या-क्या मिला?
पुलिस की कार्रवाई के दौरान डिजिटल उपकरणों के साथ बैंकिंग लेनदेन में इस्तेमाल होने वाली कई वस्तुएं जब्त की गईं। बरामद सामान में एक लैपटॉप, 2.86 लाख रुपये नकद और 38 स्मार्टफोन शामिल हैं। इसके अलावा पुलिस ने 89 एटीएम कार्ड, 76 पासबुक, 82 चेकबुक और आठ सिम कार्ड भी जब्त किए हैं।
बरामद दस्तावेजों और डिजिटल उपकरणों की जांच से कथित नेटवर्क के काम करने के तरीके तथा लेनदेन से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने में मदद मिल सकती है।
कई राज्यों से जुड़े हैं आरोपी
गिरफ्तार आरोपियों में बिहार के अलावा दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और झारखंड के निवासी भी शामिल बताए गए हैं। अलग-अलग राज्यों के लोगों की गिरफ्तारी से मामले में अंतरराज्यीय नेटवर्क की आशंका सामने आई है। हालांकि, इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका और कथित साइबर ठगी की कुल रकम का पता जांच के बाद ही चल सकेगा।
भारतीय न्याय संहिता की धारा 111(4) भी जोड़ी गई
पुलिस के मुताबिक, इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 111(4) के तहत भी प्राथमिकी दर्ज की गई है। जांच के दौरान आरोपियों की भूमिका, बैंक खातों के इस्तेमाल और कथित साइबर अपराधियों के साथ उनके संपर्कों की पड़ताल की जा रही है।
साइबर अपराध में बैंक खातों के जरिए रकम का लेनदेन जांच का अहम हिस्सा होता है। इस मामले में भी जब्त बैंकिंग दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच से यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि किन खातों का इस्तेमाल किया गया और रकम किन लोगों तक पहुंची।
फिलहाल, पटना पुलिस की जांच जारी है। गिरफ्तार आरोपियों पर लगे आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगी। पुलिस की आगे की जांच से कथित नेटवर्क के विस्तार और साइबर ठगी से जुड़े वित्तीय लेनदेन के बारे में और जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
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