प्रवर्तन अधिकारी दीपक कुमार और हेड कांस्टेबल मनोज द्विवेदी पर ED केस में राहत दिलाने के नाम पर रिश्वत मांगने का आरोप; दिल्ली में रकम लेते पकड़ा गया हेड कांस्टेबल।

लखनऊ: केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) के लखनऊ जोन कार्यालय में तैनात प्रवर्तन अधिकारी दीपक कुमार और हेड कांस्टेबल मनोज द्विवेदी को पांच लाख रुपये की कथित रिश्वत के मामले में गिरफ्तार किया है। आरोप है कि ED में चल रहे एक मामले में राहत दिलाने के नाम पर शिकायतकर्ता के पिता से रकम मांगी गई थी। CBI ने शिकायत मिलने के बाद जाल बिछाया और कार्रवाई करते हुए दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
CBI के अनुसार, शिकायतकर्ता के पिता को ED के लखनऊ जोन कार्यालय की ओर से अगस्त और सितंबर 2026 में दो समन मिले थे। इसी मामले में मदद करने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप लगाया गया। शिकायत के आधार पर CBI ने 23 अक्टूबर को मामला दर्ज किया और आरोपियों को पकड़ने के लिए जाल बिछाया।
दिल्ली में रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया हेड कांस्टेबल
जांच एजेंसी के मुताबिक, CBI ने दिल्ली में कार्रवाई के दौरान मनोज द्विवेदी को पांच लाख रुपये लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा। आरोप है कि वह यह रकम प्रवर्तन अधिकारी दीपक कुमार की ओर से स्वीकार कर रहा था। रकम मिलने के बाद उसने फोन पर अधिकारी को इसकी सूचना भी दी थी। इसके बाद CBI ने लखनऊ में कार्रवाई कर दीपक कुमार को गिरफ्तार कर लिया।
ED केस में राहत दिलाने के नाम पर रिश्वत मांगने का आरोप
CBI की प्राथमिकी के अनुसार, शिकायतकर्ता के पिता को ED के एक मामले में मदद का भरोसा लेकर कथित तौर पर रिश्वत मांगी गई थी। यह मामला कथित बैंक धोखाधड़ी से जुड़ी जांच से संबंधित बताया गया है। हालांकि, संबंधित मामले में किस तरह की राहत दिलाने का वादा किया गया था, इसकी पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
मनोज द्विवेदी ED में प्रतिनियुक्ति पर तैनात थे और मूल रूप से केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) से जुड़े हेड कांस्टेबल हैं। दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। CBI मामले के अन्य पहलुओं और इसमें किसी दूसरे अधिकारी की भूमिका की भी जांच कर रही है।
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