दो दरोगाओं के खिलाफ DCP दक्षिणी से शिकायत, चोरी के फर्जी केस में फंसाने और अवैध हिरासत में रखने का आरोप

लखनऊ: मोहनलालगंज कोतवाली पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए एक युवक ने दो उपनिरीक्षकों पर अवैध हिरासत में रखने, शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने तथा चोरी के फर्जी मामले में फंसाने की कोशिश का आरोप लगाया है। इस मामले में डीसीपी दक्षिणी से लिखित शिकायत कर संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ जांच और कार्रवाई की मांग की गई है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मोहनलालगंज क्षेत्र के गौरा निवासी उमंग सिंह को 24 अक्टूबर को दरोगा आशीष यादव और सौरभ सिंह ने कथित तौर पर नहर पटरी के पास रोका था। आरोप है कि इसके बाद उन्हें थाने ले जाया गया और उनका मोबाइल फोन भी ले लिया गया। युवक की ओर से पुलिसकर्मियों पर धमकाने और अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया गया है।
साक्ष्य न मिलने पर छोड़ने का आरोप
शिकायत में बताया गया है कि युवक को चोरी के मामले में फंसाने की कोशिश की गई। आरोप है कि पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर उसी दिन शाम करीब 6:30 बजे उसे एक सुनसान रास्ते पर छोड़ दिया गया। युवक का दावा है कि हिरासत के दौरान उसे शारीरिक और मानसिक परेशानी झेलनी पड़ी।
DCP दक्षिणी से कार्रवाई की मांग
युवक के भाई उत्कर्ष सिंह की ओर से डीसीपी दक्षिणी को शिकायत देकर दोनों उपनिरीक्षकों के खिलाफ विभागीय जांच कराने और कथित प्रताड़ना के मामले में कार्रवाई की मांग की गई है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत किए जाने के बावजूद अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है।
फिलहाल, इस मामले में पुलिस का आधिकारिक पक्ष और शिकायत पर की गई कार्रवाई सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं है। आरोपों की निष्पक्ष जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम और संबंधित पुलिसकर्मियों की भूमिका की पुष्टि हो सकेगी।
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