फर्रुखाबाद, झांसी, जेवर और आगरा-लखनऊ–पूर्वांचल लिंक से मौजूदा एक्सप्रेसवे जुड़ेंगे; तीन साल में निर्माण का लक्ष्य

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे नेटवर्क को जोड़ने के लिए चार लिंक एक्सप्रेसवे परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इनमें फर्रुखाबाद, झांसी, जेवर और आगरा-लखनऊ से पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को जोड़ने वाला कॉरिडोर शामिल है। इन परियोजनाओं की कुल लंबाई करीब 320 किलोमीटर और अनुमानित लागत ₹17,542 करोड़ बताई गई है।
चार कॉरिडोर, अलग-अलग क्षेत्रों को जोड़ने की योजना
प्रस्तावित परियोजनाओं में फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे करीब 90 किलोमीटर, आगरा-लखनऊ–पूर्वांचल लिंक लगभग 51 किलोमीटर, झांसी लिंक करीब 106 किलोमीटर और जेवर लिंक लगभग 74 किलोमीटर लंबा होगा। इनके जरिए मौजूदा एक्सप्रेसवे नेटवर्क को आपस में जोड़ने और पश्चिमी, मध्य, पूर्वी तथा बुंदेलखंड क्षेत्र की कनेक्टिविटी बेहतर करने की योजना है।
जेवर लिंक से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को एक्सप्रेसवे नेटवर्क से जोड़ने का लक्ष्य है। झांसी लिंक बुंदेलखंड क्षेत्र को बेहतर सड़क संपर्क देगा, जबकि फर्रुखाबाद और आगरा-लखनऊ–पूर्वांचल लिंक अलग-अलग एक्सप्रेसवे के बीच सीधा मार्ग बनाने में मदद करेंगे।
तीन साल में निर्माण का लक्ष्य
कैबिनेट के फैसले के मुताबिक, परियोजनाओं का निर्माण इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) मॉडल पर कराया जाएगा। इन्हें तीन साल के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। निर्माण के बाद संबंधित ठेकेदारों को पांच साल तक रखरखाव की जिम्मेदारी भी दी जाएगी।
परिवहन और औद्योगिक गतिविधियों को लाभ की उम्मीद
लिंक एक्सप्रेसवे बने से यात्रियों को मौजूदा मार्गों के बीच अधिक सीधा संपर्क मिलने और कुछ यात्राओं में दूरी या समय घटने की उम्मीद है। बेहतर सड़क संपर्क से कृषि उत्पादों को बाजारों तक पहुंचाने और उद्योगों के लिए कच्चे माल व तैयार माल की ढुलाई आसान हो सकती है। हालांकि, वास्तविक समय-बचत और आर्थिक लाभ मार्गों के अंतिम डिजाइन, निर्माण और संचालन शुरू होने के बाद ही स्पष्ट होंगे।
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