दिवाली से पहले 1.89 करोड़ उज्ज्वला परिवारों को ₹1,500 करोड़ की मदद, आज से ट्रांसफर

CM Yogi

दिवाली से पहले उत्तर प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के पात्र परिवारों को रसोई गैस के खर्च में राहत देने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार, 3 नवंबर को लखनऊ स्थित लोकभवन सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान 1.89 करोड़ से अधिक लाभार्थी परिवारों के लिए कुल ₹1,500 करोड़ की सब्सिडी हस्तांतरित करेंगे। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, राशि लाभार्थियों के आधार-प्रमाणित बैंक खातों में सीधे भेजी जानी है।

सरकार इस सहायता को दीपावली के मौके पर उज्ज्वला लाभार्थियों के लिए राहत के रूप में पेश कर रही है। योजना का उद्देश्य पात्र परिवारों को LPG रिफिल के खर्च में मदद देना है, ताकि आर्थिक तंगी के कारण उन्हें पारंपरिक चूल्हों पर खाना पकाने के लिए मजबूर न होना पड़े। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में स्वच्छ ईंधन की उपलब्धता, महिलाओं की सुविधा और स्वास्थ्य को इस पहल से जोड़ा है।

किन परिवारों को मिलेगा लाभ?

यह सहायता प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के पात्र लाभार्थियों के लिए है। रिपोर्टों के अनुसार, सब्सिडी सीधे आधार-प्रमाणित बैंक खातों में भेजी जाएगी। इसलिए जिन परिवारों का बैंक खाता आधार सत्यापन से जुड़ा है, उनके लिए राशि प्राप्त करने की प्रक्रिया उसी व्यवस्था के तहत होगी। किसी लाभार्थी के खाते में पैसा कब दिखेगा, यह बैंकिंग प्रक्रिया और खाते की स्थिति पर भी निर्भर कर सकता है।

राज्य मंत्रिमंडल ने अक्टूबर में वित्त वर्ष 2026–27 के दौरान उज्ज्वला लाभार्थियों को दिवाली और होली पर एक-एक मुफ्त LPG रिफिल उपलब्ध कराने की योजना जारी रखने की मंजूरी दी थी। इस योजना पर सरकार ने ₹2,142.78 करोड़ खर्च करने का प्रस्ताव बताया था। मंत्रिमंडल के फैसले के मुताबिक, दिवाली से जुड़ा पहला रिफिल अक्टूबर से दिसंबर 2026 के बीच और दूसरा होली के आसपास जनवरी से मार्च 2027 के बीच दिया जाना है। लाभ के लिए आधार से जुड़े बैंक खाते और आधार प्रमाणीकरण की शर्त भी बताई गई थी।

लोकभवन में होगा कार्यक्रम

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में होने वाले कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, खाद्य एवं रसद तथा नागरिक आपूर्ति मंत्री मनोज कुमार पाण्डेय और राज्य मंत्री सतीश चन्द्र शर्मा समेत अन्य जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के शामिल होने की जानकारी दी गई है। मुख्यमंत्री कुछ लाभार्थियों को प्रतीकात्मक रूप से चेक भी सौंप सकते हैं।

स्वच्छ ईंधन और राजनीतिक संदेश

मुख्यमंत्री ने इस घोषणा के साथ पिछली सरकारों पर भी निशाना साधा है। अपने संदेश में उन्होंने आरोप लगाया कि पहले गरीब परिवारों, खासकर महिलाओं की रसोई से जुड़ी मुश्किलों को पर्याप्त प्राथमिकता नहीं मिली। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रही केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को जनकल्याण से जोड़ते हुए कहा कि किसी गरीब परिवार को आर्थिक परेशानी के कारण धुएं वाले चूल्हे पर लौटना नहीं पड़ना चाहिए। ये मुख्यमंत्री के राजनीतिक और प्रशासनिक दावे हैं; इन्हें सरकार की ओर से व्यक्त विचार के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

उज्ज्वला योजना का उद्देश्य गरीब परिवारों तक स्वच्छ खाना पकाने का ईंधन पहुंचाना है। रिफिल की लागत कम करने के लिए दी जाने वाली सहायता से परिवारों को तत्काल आर्थिक राहत मिल सकती है, हालांकि वास्तविक लाभ इस बात पर निर्भर करेगा कि संबंधित परिवार योजना के पात्र हैं या नहीं और उनके खाते में राशि कब जमा होती है।

सरकार की घोषणा के मुताबिक, कुल ₹1,500 करोड़ की सहायता 1.89 करोड़ से अधिक पात्र परिवारों तक पहुंचाई जानी है। लाभार्थियों को अपने बैंक खाते में राशि आने की स्थिति की जांच करनी चाहिए और किसी अनजान व्यक्ति को बैंक विवरण, OTP या अन्य गोपनीय जानकारी नहीं देनी चाहिए। खाते में राशि न दिखने पर वे अपने बैंक या उज्ज्वला योजना से जुड़े अधिकृत वितरक से जानकारी ले सकते हैं।

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