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भारतीय रेलवे में बड़ा बदलाव: नए इंजनों से बढ़ेगी स्पीड, बदलेंगी सुविधाएं

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    संवाददाता
  • 2 दिन पहले
  • 2 मिनट पठन

संवाददाता | अप्रैल 2, 2025


कानपुर: भारतीय रेलवे अपने इंजन और यात्री सुविधाओं में बड़े बदलाव की तैयारी में है। अब ट्रेनों में छोटे लेकिन अधिक शक्तिशाली इंजन लगाए जाएंगे, जिससे रफ्तार बढ़ेगी और ट्रेन संचालन अधिक सुगम होगा। इसके साथ ही, लोको पायलट्स के लिए सुविधाजनक सीटें और बिना पानी के आधुनिक शौचालय जैसी नई सुविधाएं जोड़ी जाएंगी।

 
भारतीय रेलवे
 

12 पहियों वाले होंगे नए इंजन, ताकत में कोई कमी नहीं

भारतीय रेलवे अब 16 पहियों के बजाय 12 पहियों वाले अधिक शक्तिशाली इंजन लाने जा रहा है। हालांकि ये इंजन आकार में छोटे होंगे, लेकिन इनकी क्षमता 12,000 हॉर्सपावर बनी रहेगी। इससे न केवल ट्रेनों की रफ्तार बढ़ेगी बल्कि रखरखाव भी आसान होगा। फजलगंज स्थित विद्युत लोको शेड में इन इंजनों की मरम्मत का सफल परीक्षण किया जा चुका है।


बंगाल और वाराणसी में हो रहा निर्माण

ये अत्याधुनिक इंजन पश्चिम बंगाल के चित्तरंजन और वाराणसी लोकोमोटिव वर्क्स में बनाए जा रहे हैं। गौरतलब है कि भारत में पहला इलेक्ट्रिक इंजन 1925 में ब्रिटिश शासनकाल के दौरान पटरी पर दौड़ा था। इसके बाद से रेलवे लगातार तकनीकी नवाचारों के जरिए इंजन की कार्यक्षमता को बेहतर बनाता रहा है।


आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे इंजन

इन नए इंजनों में कई नई सुविधाएं जोड़ी जा रही हैं:

  • बिना पानी के शौचालय: यह शौचालय हवा के दबाव से खुद साफ हो जाएंगे, जिससे सफाई व्यवस्था और पर्यावरण संरक्षण में सुधार होगा।

  • बेहतर सीटिंग: लोको पायलट्स के लिए आरामदायक सीटें लगाई जाएंगी, जिससे लंबे सफर के दौरान उन्हें अधिक सुविधा मिलेगी।

  • बेहतर वेंटिलेशन: इंजन में हवा की बेहतर व्यवस्था होगी, जिससे चालक दल को अधिक आराम मिलेगा।

  • बेहतर रखरखाव: पूर्ण स्वदेशी ट्रैक्शन मोटर तकनीक के इस्तेमाल से इंजन की मरम्मत और संचालन पहले से अधिक आसान होगा।


मालगाड़ियों के इंजन भी होंगे छोटे और शक्तिशाली

वर्तमान में मालगाड़ियों में इस्तेमाल होने वाले 45 फीट लंबे इंजन, जिनमें 24 पहिए होते हैं, अब 16-20 पहियों वाले किए जाएंगे। इनकी लंबाई घटाकर 24 से 28 फीट तक की जाएगी। यात्री ट्रेनों के इंजन भी छोटे किए जाएंगे, जिससे वे अधिक कुशल बनेंगे।


क्या बोले रेलवे अधिकारी?

फजलगंज लोको शेड के वरिष्ठ मंडल विद्युत अभियंता राहुल त्रिपाठी ने बताया कि "नए इंजनों की मरम्मत का काम आधुनिक ट्रैक्शन मोटर (टीएम) शॉप में किया जा रहा है। ये इंजन पूर्ण रूप से स्वदेशी हैं, जिससे रखरखाव में आसानी होगी। भविष्य में और भी छोटे लेकिन ताकतवर इंजन विकसित करने की योजना है।"

भारतीय रेलवे के इस बदलाव से ट्रेनों की रफ्तार बढ़ेगी, परिचालन अधिक कुशल होगा और यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। आने वाले वर्षों में ये नए इंजन रेलवे के कामकाज को और भी उन्नत बनाएंगे।

 


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