योगी सरकार की नई आबकारी नीति, ठंडी बीयर पर संशय
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ब्यूरो | फरवरी 11, 2025
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने बीते सप्ताह कैबिनेट बैठक में नई आबकारी नीति को मंजूरी दे दी है, जिसकी अधिसूचना भी जारी कर दी गई है। इस नीति के तहत सरकार ने शराब की कंपोजिट दुकानें खोलने का निर्णय लिया है, जहां अंग्रेजी शराब, बीयर और वाइन एक ही स्थान पर बेची जा सकेंगी।
ठंडी बीयर को लेकर असमंजस
नई आबकारी नीति में ठंडी बीयर की बिक्री को लेकर कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं दिए गए हैं, जिससे शराब विक्रेताओं में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। उत्तर प्रदेश शराब विक्रेता वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष एसपी सिंह ने सरकार से जल्द स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि कंपोजिट दुकानों का आकार बड़ा करना होगा, लेकिन इनमें ठंडी बीयर की बिक्री संभव होगी या नहीं, इस पर कोई स्पष्टता नहीं है।

60,000 करोड़ रुपये राजस्व का लक्ष्य
प्रदेश में इस समय 29,000 शराब की दुकानें हैं, जिनमें 5,900 बीयर शॉप्स शामिल हैं। अब कंपोजिट दुकानों की शुरुआत के साथ सरकार ने अगले वित्तीय वर्ष में शराब, बीयर, वाइन और भांग की बिक्री से 60,000 करोड़ रुपये के राजस्व का लक्ष्य रखा है।
नई नीति की प्रमुख बातें
मॉडल शॉप का विकल्प: कंपोजिट दुकानों को मॉडल शॉप में बदला जा सकता है, जिससे ग्राहकों को शराब पीने की सुविधा मिलेगी। इसके लिए अलग से शुल्क देना होगा।
सेहत सुरक्षा प्रमाण पत्र अनिवार्य: एल्युमिनियम कैन में भारत निर्मित विदेशी मदिरा की बिक्री के लिए सीएफटीआरआई (केंद्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्थान) से सेहत सुरक्षा प्रमाण पत्र अनिवार्य होगा।
ट्रैक एंड ट्रेस शुल्क: एक्स-डिस्टलरी मूल्य (EDP) के हिसाब से ट्रैक एंड ट्रेस शुल्क तय किया जाएगा।
लाइसेंस और अन्य शुल्क:
शराब के गोदाम के लिए 2 लाख रुपये की फीस तय की गई है।
विदेशी शराब के निर्यात पास की फीस 10 रुपये प्रति बल्क लीटर होगी।
पर्यटन विभाग से स्टार वर्गीकरण प्राप्त न करने वाले होटलों को लाइसेंस फीस पर 10% अतिरिक्त शुल्क देना होगा।
अन्य देशों से आयातित सभी तीव्रता वाली बीयरों की परमिट फीस 175 रुपये प्रति बल्क लीटर निर्धारित की गई है।
सुरक्षा के कड़े प्रावधान
नई नीति के तहत सभी शराब दुकानों पर दो-दो सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे और दुकानों की जियो-फेंसिंग की जाएगी, जिससे अनियमितताओं पर नजर रखी जा सके।
क्या ठंडी बीयर के लिए करना पड़ेगा इंतजार?नई नीति 1 अप्रैल 2025 से लागू होगी, लेकिन ठंडी बीयर की बिक्री पर असमंजस अभी भी बना हुआ है। शराब विक्रेताओं का कहना है कि सरकार को जल्द से जल्द स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए, ताकि ग्राहक और दुकानदार किसी भी परेशानी से बच सकें।
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