केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के बाद बड़ा फैसला

नई दिल्ली, 25 जुलाई 2026: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आज अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। पिछले करीब एक महीने से जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में हो रहे लगातार विरोध प्रदर्शनों के बीच यह बड़ा घटनाक्रम सामने आया है।

प्रधान ने प्रधानमंत्री को भेजे अपने त्यागपत्र में लिखा कि वे हमेशा से देश के युवाओं की आकांक्षाओं और सपनों का सम्मान करते आए हैं, और पिछले 10 दिनों के घटनाक्रम से वे व्यक्तिगत रूप से आहत हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह उनके निजी प्रतिष्ठा का विषय नहीं, बल्कि देश की युवाशक्ति और उसकी एकता से जुड़ा मामला है। उन्होंने कहा कि किसी भी विद्यार्थी का भविष्य कानूनी पेचीदगियों में न उलझे, इसी सोच के साथ उन्होंने अपना इस्तीफा सौंपा है।

अपने दूसरे संदेश में प्रधान ने 3 मई 2026 को हुई NEET-UG परीक्षा में सामने आई अनियमितताओं का ज़िक्र करते हुए बताया कि सरकार ने मामले की जांच सीबीआई को सौंपी थी और परीक्षा रद्द कर पुनः परीक्षा कराई गई थी। 21 जून 2026 को दोबारा परीक्षा आयोजित हुई, जिसमें 20 लाख से अधिक छात्र शामिल हुए। 16 जुलाई को घोषित परिणाम संतोषजनक रहे, लेकिन इसी दौरान कुछ जिम्मेदार पदों पर बैठे व्यक्तियों द्वारा छात्रों को गुमराह करने के प्रयासों ने विवाद को और भड़का दिया।

जंतर-मंतर पर हफ्तों से चल रहे इस आंदोलन के दौरान लद्दाख के शिक्षाविद् एवं कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी शिक्षा सुधारों की मांग को लेकर 26 दिनों की भूख हड़ताल की थी। 18 जुलाई को दिल्ली पुलिस ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां उन्होंने अपना अनशन जारी रखा। प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई और राजधानी में इंटरनेट बंदी की खबरें भी सामने आईं।

अंततः लगातार बढ़ते जनदबाव और छात्र संगठनों की मांगों के आगे झुकते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने आज अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री को सौंप दिया। 56 वर्षीय प्रधान जुलाई 2021 से शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।

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