गैस किल्लत से बढ़ी कालाबाजारी: 950 रुपये का घरेलू सिलिंडर 2500 तक, व्यावसायिक सिलिंडर 4000 में बिक रहा

एलपीजी की किल्लत बढ़ने के साथ ही गैस सिलिंडरों की कालाबाजारी भी तेज हो गई है। हालात यह हैं कि करीब 950 रुपये में मिलने वाला घरेलू गैस सिलिंडर अब ब्लैक में 2500 रुपये तक बेचा जा रहा है। इतना ही नहीं, भारी कीमत देने के बाद भी उपभोक्ताओं को पूरा गैस नहीं मिल रहा है और 14.2 किलो की जगह अधिकतम 12 किलो गैस ही दी जा रही है।

व्यावसायिक सिलिंडरों के दाम भी तेजी से बढ़ गए हैं। जो 19 किलो का सिलिंडर करीब 2100 रुपये में मिलता था, उसके लिए अब 3500 से 4000 रुपये तक वसूले जा रहे हैं। कैटरिंग एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष विजय कुमार के अनुसार 9 मार्च को जो व्यावसायिक सिलिंडर ब्लैक में करीब 2200 रुपये में मिल रहा था, वह 10 मार्च को 3500 और 11 मार्च तक 4000 रुपये तक पहुंच गया। उनका कहना है कि इतने महंगे सिलिंडर के साथ कारोबार करना मुश्किल हो गया है।

उपभोक्ताओं को समय पर गैस की डिलीवरी भी नहीं मिल पा रही है। डालीगंज निवासी अंसार ने बताया कि होली से पहले उन्होंने घरेलू सिलिंडर की बुकिंग कराई थी, लेकिन कई दिन बीत जाने के बाद भी सिलिंडर नहीं मिला। एजेंसी की ओर से आश्वासन दिया गया था कि बुधवार तक डिलीवरी हो जाएगी, लेकिन दोपहर तक भी गैस नहीं पहुंची। कई लोगों का कहना है कि मजबूरी में उन्हें ब्लैक में सिलिंडर खरीदना पड़ा, जबकि कुछ परिवारों को छत पर चूल्हा जलाकर खाना बनाना पड़ रहा है।

इसी बीच गैस की ‘कटिंग’ का धंधा भी तेजी से फैल गया है। डालीगंज निवासी अमन का आरोप है कि डिलीवरीमैन गोदाम से सिलिंडर लेकर सीधे उपभोक्ताओं के घर जाने के बजाय पहले अपने ठिकानों पर जाते हैं, जहां विशेष उपकरणों से हर सिलिंडर से दो से तीन किलो गैस निकाल ली जाती है। यही गैस बाद में अलग सिलिंडरों में भरकर ज्यादा कीमत पर बेची जाती है। इसी प्रक्रिया से व्यावसायिक सिलिंडर भी तैयार किए जा रहे हैं।

छोटे सिलिंडरों में गैस भरने का काम करने वाली एक महिला ने बताया कि पिछले तीन दिनों से डिलीवरीमैन 200 से 250 रुपये प्रति किलो की दर से गैस दे रहे हैं, जबकि पहले यही गैस करीब 100 रुपये प्रति किलो मिल जाती थी। बढ़ती कीमतों के कारण उन्होंने छोटे सिलिंडरों में गैस भरने का काम फिलहाल बंद कर दिया है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि गैस की घटतौली और कालाबाजारी की शिकायतों के बावजूद आपूर्ति विभाग सख्त कार्रवाई नहीं कर रहा है। खदरा निवासी मकसूद का कहना है कि कई दिनों से लोग इस समस्या से परेशान हैं, लेकिन अधिकारियों की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

हालांकि जिला आपूर्ति अधिकारी Vijay Prakash ने कहा है कि गैस सिलिंडरों की कालाबाजारी किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके लिए विभाग की टीमें अलग-अलग इलाकों में अचानक जांच अभियान चलाने की तैयारी कर रही हैं और छापेमारी के लिए जरूरी जानकारी जुटाई जा रही है।

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