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जनता के सवालों पर पारदर्शिता और जवाबदेही दिखाए, तभी संसद में वास्तविक ‘डिलीवरी’ संभव होगी : अंकित यादव

लखनऊ | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा संसद में दिए गए बयान “संसद में ड्रामा नहीं, डिलीवरी होनी चाहिए, नारे नहीं, नीति होनी चाहिए” पर उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष अंकित सिंह यादव ने कड़ा प्रतिवाद किया है।

अंकित सिंह यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री का संसद को नसीहत देना वास्तविकता से पलायन है। उन्होंने कहा कि देश की जनता संसद में ड्रामा नहीं, बल्कि सरकार से जवाबदेही और ठोस कार्रवाई चाहती है, जो बीते वर्षों में दिखाई नहीं देती।

श्री यादव ने आरोप लगाया कि जब भी विपक्ष जनता के मुद्दे उठाता है, सरकार उसे ड्रामा करार देकर अपनी जिम्मेदारियों से बचने का प्रयास करती है। उन्होंने कहा,

“नारेबाज़ी की राजनीति भाजपा की पहचान बन चुकी है। प्रधानमंत्री को विपक्ष पर उंगली उठाने से पहले यह देखना चाहिए कि नीतियाँ कागज़ पर नहीं, ज़मीन पर कितनी लागू हुई हैं।” बेरोज़गारी, महंगाई, किसानों की आय, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर वास्तविक डिलीवरी के अभाव ने देश की आम जनता को परेशान कर रखा है।

श्री यादव ने यह भी कहा कि संसद लोकतंत्र का मंदिर है, और वहाँ विपक्ष की आवाज़ को ‘ड्रामा’ कहना लोकतांत्रिक परंपराओं के विरुद्ध है।

अंत में अंकित सिंह यादव ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि वह विपक्ष को कठघरे में खड़ा करने के बजाय जनता के सवालों पर पारदर्शिता और जवाबदेही दिखाए, तभी संसद में वास्तविक ‘डिलीवरी’ संभव होगी।

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