कुमाऊं के 48 मंदिरों का होगा कायाकल्प, धामी सरकार ने तेज किया मिशन

मानसखंड मंदिर माला मिशन के तहत धार्मिक स्थलों का विकास, श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं बढ़ाने पर जोर

उत्तराखंड सरकार कुमाऊं क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के साथ-साथ उसे आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने की दिशा में काम कर रही है। मानसखंड मंदिर माला मिशन के तहत कुमाऊं के कुल 48 मंदिरों और धार्मिक स्थलों को धार्मिक सर्किट के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य तीर्थयात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना है।

48 मंदिरों को धार्मिक सर्किट से जोड़ने की तैयारी

मानसखंड मंदिर माला मिशन के लिए कुमाऊं क्षेत्र के 48 प्रमुख मंदिरों को चिन्हित किया गया है। योजना के तहत मंदिर परिसरों के विकास के साथ श्रद्धालुओं के लिए जरूरी अवस्थापना सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है। शुरुआती चरण में 16 मंदिरों को विकास के लिए चुना गया था और इनके लिए अलग-अलग मास्टर प्लान तैयार किए गए हैं।

जागेश्वर धाम, पाताल भुवनेश्वर, हाट कालिका, बैजनाथ, नैना देवी, कैंचीधाम, मां बाराही देवी और पाताल रुद्रेश्वर समेत कई प्रमुख धार्मिक स्थल इस मिशन का हिस्सा हैं। योजना में मंदिरों के सौंदर्यीकरण के साथ उनसे जुड़ने वाली सड़कों और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास पर भी जोर दिया जा रहा है।

धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

सरकार का फोकस केवल मंदिरों के सौंदर्यीकरण तक सीमित नहीं है। श्रद्धालुओं की यात्रा को सुविधाजनक बनाने के लिए संपर्क मार्ग, पार्किंग और अन्य सुविधाओं को भी बेहतर किया जा रहा है। राज्य सरकार का मानना है कि धार्मिक स्थलों के व्यवस्थित विकास से कुमाऊं में पर्यटन को नई गति मिल सकती है।

हाल के विकास कार्यों में चंपावत के देवीधुरा क्षेत्र में भी कई परियोजनाएं शामिल हैं। यहां गढ़वाल खाम भवन और रणकोची मंदिर के पुनर्निर्माण का काम चल रहा है, जबकि कुछ अन्य मंदिरों और मेला स्थलों के सौंदर्यीकरण के कार्य पूरे किए जा चुके हैं।

आस्था के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी जोर

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार मानसखंड मंदिर माला मिशन को उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान और धार्मिक पर्यटन से जोड़कर देख रही है। सरकार के अनुसार, ऐसे प्रोजेक्ट्स से श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलने के साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी बढ़ सकते हैं।

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