DM के सील करने के आश्वासन के बावजूद रातोंरात ध्वस्त हुआ निर्माण, 1911 के बिजली बिल पर प्रशासन ने उठाए सवाल

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलक्ट्रेट परिसर स्थित एक मस्जिद को आज तड़के करीब 5 बजे ध्वस्त कर दिया गया। स्थानीय लोगों के अनुसार, बीती रात जब मस्जिद को गिराए जाने की खबर फैली थी, तो जिलाधिकारी (DM) ने आश्वासन दिया था कि मस्जिद को केवल सील किया जाएगा। हालांकि सुबह होने तक निर्माण पूरी तरह जमींदोज हो चुका था, जिसके बाद स्थानीय स्तर पर असंतोष देखा जा रहा है।
यह कार्रवाई जिला प्रशासन द्वारा 16 जुलाई को इस निर्माण को अवैध घोषित किए जाने के बाद की गई है। वहीं दूसरी ओर, मस्जिद प्रबंधन समिति ने अदालत में 1 जनवरी 1911 का एक पुराना बिजली बिल प्रस्तुत करते हुए दावा किया था कि कलक्ट्रेट परिसर के निर्माण से पहले ही यहां मस्जिद मौजूद थी।
इसके जवाब में प्रशासन का तर्क है कि सहारनपुर में बिजली आपूर्ति की शुरुआत ही वर्ष 1912 में हुई थी, ऐसे में 1911 की तारीख वाला बिल तथ्यात्मक रूप से संदेहास्पद है।
इस पूरे प्रकरण के बाद अब सवाल केवल मस्जिद के निर्माण-काल तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि पूरी प्रशासनिक कार्रवाई की पारदर्शिता और उसमें अपनाई गई कानूनी प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। मामले को लेकर आगे कानूनी और प्रशासनिक स्तर पर स्पष्टीकरण आने की संभावना है।
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