Devbhoomi ऐप के जरिए FIR देखने की प्रक्रिया कोर्ट को बताई गई; फिलहाल सुविधा Android फोन तक सीमित

नैनीताल: उत्तराखंड में ऑनलाइन FIR देखने की सुविधा को लेकर दायर याचिका पर हाईकोर्ट ने बुधवार को सुनवाई पूरी करते हुए मामले का निस्तारण कर दिया। सुनवाई के दौरान उत्तराखंड पुलिस की तकनीकी टीम ने अदालत के सामने ऐप के जरिए FIR देखने की पूरी प्रक्रिया का लाइव प्रदर्शन किया।
मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने पुलिस की ओर से मौजूदा ऑनलाइन व्यवस्था की जानकारी और उसका डेमो देखने के बाद याचिका का निस्तारण किया।
यह याचिका हरिद्वार स्थित नेशनल पब्लिक ट्रस्ट की ओर से दाखिल की गई थी। याचिका में लंबे समय से बंद पड़ी ऑनलाइन FIR देखने की सुविधा को दोबारा शुरू करने की मांग की गई थी।
Devbhoomi ऐप से देख सकेंगे FIR
पुलिस की तकनीकी टीम ने अदालत को बताया कि वर्तमान में ऑनलाइन FIR देखने की सुविधा ‘Devbhoomi’ ऐप के माध्यम से उपलब्ध है। इसके लिए उपयोगकर्ता को सबसे पहले ऐप डाउनलोड कर लॉग-इन करना होगा। इसके बाद मांगी गई आवश्यक जानकारी दर्ज करनी होगी और सेल्फी अपलोड करने की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
पुलिस के मुताबिक, फिलहाल यह सुविधा Android फोन पर उपलब्ध है, जबकि Apple यानी iPhone यूजर्स के लिए यह सुविधा अभी उपलब्ध नहीं है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का भी उठा था मुद्दा
मामले की पिछली सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने FIR को ऑनलाइन उपलब्ध कराने से संबंधित सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन किए जाने को लेकर पुलिस से स्थिति स्पष्ट करने को कहा था।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के मुताबिक, कुछ निर्धारित अपवादों को छोड़कर FIR दर्ज होने के बाद उसे ऑनलाइन उपलब्ध कराया जाना चाहिए, ताकि संबंधित लोग और आम नागरिक कानून के मुताबिक उसकी जानकारी प्राप्त कर सकें।
पिछली सुनवाई में हाईकोर्ट ने ऑनलाइन सुविधा बहाल नहीं होने की स्थिति में पुलिस महानिदेशक को अदालत में उपस्थित होने के निर्देश देने की चेतावनी भी दी थी।
लाइव डेमो के बाद याचिका का निस्तारण
बुधवार को पुलिस की तकनीकी टीम ने कोर्ट के समक्ष ऐप की कार्यप्रणाली का प्रत्यक्ष प्रदर्शन किया और FIR तक पहुंचने की प्रक्रिया समझाई। मौजूदा व्यवस्था की जानकारी मिलने के बाद हाईकोर्ट ने याचिका का निस्तारण कर दिया।
हालांकि, Apple डिवाइस पर सुविधा उपलब्ध नहीं होने का मुद्दा सामने आया है। ऐसे में अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर ऑनलाइन FIR की पहुंच को लेकर आगे तकनीकी स्तर पर क्या कदम उठाए जाते हैं, यह महत्वपूर्ण रहेगा।
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