2021 में सेवा से हटाए गए 108-102 एंबुलेंस कर्मियों ने उठाई आवाज, सेवा सुरक्षा और दोबारा नियुक्ति की मांग

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में 108 और 102 एंबुलेंस सेवा से वर्ष 2021 में हटाए गए कर्मचारियों की सेवा बहाली का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। करीब 9,000 पूर्व एंबुलेंस कर्मचारियों की बहाली की मांग को लेकर कर्मचारियों ने लखनऊ में प्रदर्शन किया। कर्मचारी संगठन लंबे समय से सेवा में वापस लिए जाने और सेवा सुरक्षा की मांग उठा रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि ये कर्मचारी लंबे समय तक प्रदेश की एंबुलेंस सेवाओं में काम कर चुके हैं और कोरोना महामारी के दौरान भी आपातकालीन सेवाओं में तैनात रहे। उनका दावा है कि 2021 में सेवा प्रदाता कंपनी में बदलाव के बाद बड़ी संख्या में कर्मचारियों को सेवा से बाहर कर दिया गया।
2021 में बदली थी सेवा प्रदाता कंपनी
एंबुलेंस कर्मचारियों के संगठन के मुताबिक, 2021 में सेवा प्रदाता कंपनी बदलने के बाद करीब 9,000 कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त हो गई थीं। उस समय 108, 102 और एडवांस लाइफ सपोर्ट (ALS) एंबुलेंस सेवाओं के संचालन को लेकर नया टेंडर जारी हुआ था। नई कंपनी को जिम्मेदारी मिलने के बाद पुराने कर्मचारियों के रोजगार का मुद्दा सामने आया था।
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि बड़ी संख्या में पुराने और अनुभवी कर्मचारियों को दोबारा सेवा में नहीं लिया गया। इसी को लेकर वे अब सरकार से हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं।
अनुभव के आधार पर बहाली की मांग
कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में पुराने कर्मचारियों की सेवा बहाली, सेवा सुरक्षा और अनुभव के आधार पर नियुक्ति शामिल है। बस्ती में हाल में दिए गए ज्ञापन में संगठन ने 12 साल तक एंबुलेंस सेवा में काम कर चुके कर्मचारियों को UPCOS में शामिल करने और सेवा सुरक्षा देने की मांग भी रखी है।
संगठन का कहना है कि कर्मचारियों के लंबे अनुभव को देखते हुए उन्हें प्राथमिकता के आधार पर दोबारा सेवा का अवसर दिया जाना चाहिए।
सरकार के निर्देश पर पुनर्भर्ती प्रक्रिया भी शुरू हुई थी
इस बीच जून 2026 में लखनऊ के आशियाना स्थित 108 और 102 एंबुलेंस सेवा के हेड ऑफिस परिसर में पूर्व कर्मचारियों की पुनर्भर्ती प्रक्रिया शुरू होने की रिपोर्ट सामने आई थी। रिपोर्ट के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद पूर्व में हटाए गए कर्मचारियों को दोबारा भर्ती करने की प्रक्रिया शुरू की गई थी।
हालांकि, कर्मचारी संगठन अभी भी बड़ी संख्या में पूर्व कर्मचारियों की पूर्ण बहाली की मांग कर रहे हैं।
2 अक्टूबर से आंदोलन तेज करने की घोषणा
सितंबर के अंत में कर्मचारी संगठन की ओर से कहा गया कि यदि मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं हुआ तो 2 अक्टूबर 2026 से लखनऊ में अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। संगठन ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन के जरिए भी अपनी मांगें रखी हैं।
एंबुलेंस कर्मचारियों का यह आंदोलन अब सेवा बहाली के साथ-साथ लंबे समय से रोजगार से बाहर रहे कर्मचारियों के भविष्य और सेवा सुरक्षा के मुद्दे पर केंद्रित है।
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