वकील से मारपीट के विरोध में प्रदर्शन

कमता चौराहे के पास पुलिस से विवाद के बाद अधिवक्ताओं ने लगाया जाम, आरोपी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग

लखनऊ: राजधानी में एक अधिवक्ता के साथ कथित मारपीट के विरोध में गुरुवार को वकीलों ने प्रदर्शन किया। मामला कमता चौराहे और अवध बस अड्डे के पास का है, जहां अधिवक्ताओं के प्रदर्शन के चलते अयोध्या रोड पर यातायात प्रभावित हुआ और कुछ समय के लिए लंबा जाम लग गया।

रिपोर्ट के मुताबिक, विवाद उस समय शुरू हुआ जब पुलिस यातायात नियमों के तहत वाहनों के खिलाफ कार्रवाई कर रही थी। अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि कार्रवाई के दौरान उनके एक साथी के साथ पुलिसकर्मियों ने मारपीट की। इसके बाद बड़ी संख्या में अधिवक्ता अवध बस अड्डे के पास एकत्र हुए और पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया।

करीब एक घंटे तक प्रभावित रहा यातायात

प्रदर्शन के कारण अयोध्या रोड पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, करीब एक घंटे तक अवध बस अड्डे से रोडवेज बसें भी नहीं निकल सकीं। इसके बाद पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारी अधिवक्ताओं से बातचीत की और यातायात को दूसरे मार्गों से डायवर्ट कर स्थिति सामान्य कराई।

पुलिस ने कमता चौराहे से आने वाले वाहनों को विजयंतखंड और कमता फ्लाईओवर की ओर भेजकर यातायात बहाल कराया।

अधिवक्ताओं ने की पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग

प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं ने मारपीट के आरोप में शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। यूथ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष हिमांशु पाठक ने आरोप लगाया कि पुलिस उनके साथियों को जबरन ले गई थी। प्रदर्शनकारियों ने इस मामले में दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई।

पुलिस ने बताया कार्रवाई का अलग पक्ष

वहीं, पुलिस का कहना है कि हाईकोर्ट के निर्देश के तहत कमता चौराहे पर जाम रोकने के लिए अनधिकृत वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही थी। विभूतिखंड पुलिस के मुताबिक, कुछ लोगों द्वारा वाहन संचालित किए जा रहे थे और कागजात नहीं दिखाने पर वाहनों को सीज किया गया।

पुलिस के अनुसार, इसके बाद कुछ वकील पुलिस चौकी पहुंचे और वाहनों को छोड़ने का दबाव बनाने लगे। वीडियो बनाने को लेकर विवाद बढ़ने पर पुलिस ने शांतिभंग की कार्रवाई की।

फिलहाल पुलिस और अधिवक्ताओं के बीच हुए विवाद को लेकर दोनों पक्षों के दावों की जांच की जा रही है। प्रदर्शन के बाद क्षेत्र में यातायात व्यवस्था सामान्य कर दी गई।

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