लखनऊ में पेंशन कार्ड और ग्रीन गैस मीटर अपडेट के नाम पर ठगी; बुजुर्ग के खाते से 36.39 लाख निकले

लखनऊ: राजधानी में साइबर ठगों ने लोगों को अपने जाल में फंसाने के लिए APK फाइलों को नया हथियार बना लिया है। पेंशन कार्ड बनवाने से लेकर ग्रीन गैस मीटर अपडेट कराने तक के बहाने लोगों को WhatsApp पर फाइल भेजी जा रही है। फाइल खोलते ही मोबाइल की सुरक्षा से समझौता होने के बाद बैंक खातों से रकम निकाले जाने के कई मामले सामने आए हैं। पुलिस ने साइबर क्राइम और स्थानीय थानों में मुकदमे दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सबसे बड़ी घटना आशियाना सेक्टर-के निवासी 82 वर्षीय उमेश चंद्र दुबे के साथ हुई। पुलिस के मुताबिक, 30 सितंबर को उन्हें WhatsApp कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को ICICI बैंक का कर्मचारी बताते हुए पेंशन कार्ड बनवाने की बात कही और एक APK फाइल भेजी। फाइल में डेबिट कार्ड की तस्वीर बनी थी और उसे क्लिक करने के लिए कहा गया।
उमेश चंद्र के मुताबिक, जैसे ही उन्होंने तस्वीर पर क्लिक किया, उनका मोबाइल हैक हो गया और कॉल कट गई। कुछ घंटे बाद उनके तीन बैंक खातों से रकम निकलने के संदेश आने लगे। कुल 36,39,436 रुपये तीन बार में निकाले जाने की बात सामने आई है। मामले में साइबर क्राइम थाने में FIR दर्ज कराई गई है।
ग्रीन गैस के नाम पर भी APK फाइल
अलीगंज सेक्टर-1 निवासी प्रीति गुप्ता भी इसी तरह की ठगी का शिकार हुईं। उन्हें ग्रीन गैस कर्मचारी बनकर फोन किया गया और मीटर अपडेट करने के नाम पर APK फाइल भेजी गई। फाइल डाउनलोड करने के बाद मोबाइल हैक हो गया और अगले दिन उनके खाते से 5,48,490 रुपये निकाल लिए गए। पीड़िता ने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करने के बाद साइबर क्राइम थाने में FIR दर्ज कराई।
इंदिरानगर में भी एक अन्य व्यक्ति को ग्रीन गैस कर्मचारी बनकर फोन करने और बिल अपडेट करने का झांसा देने का मामला सामने आया। रिपोर्ट के मुताबिक, उसके खाते से 7,98,111 रुपये निकाले गए।
सिर्फ APK डाउनलोड नहीं, क्लिक भी बना जोखिम
साइबर ठगों का तरीका एक जैसा दिखाई दे रहा है। पहले किसी भरोसेमंद संस्था या सेवा प्रदाता का नाम लेकर फोन किया जाता है। इसके बाद बिल, पेंशन, बैंकिंग या किसी दस्तावेज से जुड़ा जरूरी काम बताकर APK फाइल भेजी जाती है।
पीड़ित को फाइल खोलने या उसमें मौजूद किसी विकल्प पर क्लिक करने के लिए कहा जाता है। इसके बाद मोबाइल में सेंध लगने और बैंकिंग संबंधी जानकारी तक पहुंच हासिल करने की कोशिश की जाती है। हाल के एक अन्य मामले में अलीगंज निवासी एक व्यक्ति के मोबाइल को APK फाइल खोलने के बाद कई दिनों तक हैक रखने का आरोप लगा और उसके खाते से 2 लाख रुपये निकाले गए।
ग्रीन गैस ने भी जारी की चेतावनी
ग्रीन गैस लिमिटेड ने अपनी वेबसाइट पर ग्राहकों को ऐसे फर्जी कॉल से सावधान रहने को कहा है। कंपनी के मुताबिक, वह भुगतान की पुष्टि के लिए ग्राहकों को कॉल नहीं करती और न ही किसी ग्राहक से कोई ऐप डाउनलोड करने, QR कोड इस्तेमाल करने या कार्ड/OTP जैसी संवेदनशील जानकारी साझा करने को कहती है।
कंपनी ने संदिग्ध मामलों में अपने आधिकारिक ग्राहक सेवा माध्यमों से जानकारी की पुष्टि करने और साइबर ठगी होने पर 1930 पर शिकायत करने की सलाह दी है।
पुलिस की लोगों से अपील
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि WhatsApp या किसी अन्य माध्यम से भेजी गई अनजान APK फाइल डाउनलोड न करें। किसी बैंक, गैस कंपनी या सरकारी विभाग के नाम पर आए फोन पर भी बिना पुष्टि के कोई फाइल इंस्टॉल न करें।
अगर खाते से रकम निकलने का पता चलता है तो देरी किए बिना 1930 पर साइबर फ्रॉड की शिकायत करनी चाहिए, ताकि रकम को फ्रीज कराने की कोशिश जल्द शुरू हो सके। लखनऊ पुलिस भी ऐसे मामलों में संदिग्ध नंबरों और संदेशों की जांच कर रही है।
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