2023 में 1,276 पदों की भर्ती में अनियमितता के आरोप; STF जांच के बाद शासन ने DGME स्तर पर भी जांच के दिए आदेश

लखनऊ: किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में वर्ष 2023 में हुई नर्सिंग भर्ती को लेकर जांच का दायरा बढ़ गया है। 1,276 पदों पर हुई भर्ती में कथित अनियमितताओं की जांच अब STF के साथ-साथ चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण महानिदेशालय (DGME) स्तर से भी की जाएगी। शासन ने इस संबंध में जांच के आदेश जारी किए हैं।
शासन की ओर से संयुक्त सचिव आनंद कुमार त्रिपाठी ने DGME को जांच अधिकारी नामित किया है। DGME स्तर की जांच में भर्ती प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेजों और परीक्षा आयोजित कराने की प्रक्रिया की पड़ताल की जाएगी।
परीक्षा प्रक्रिया पर उठे सवाल
मामले में आरोप है कि भर्ती परीक्षा को निर्धारित कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) के बजाय OMR शीट के माध्यम से कराया गया। परीक्षा के तरीके में कथित बदलाव और भर्ती प्रक्रिया से जुड़े अन्य बिंदुओं को लेकर सवाल उठने के बाद जांच तेज हुई है।
अब DGME स्तर की जांच में यह देखा जाएगा कि परीक्षा आयोजित करने के लिए क्या प्रक्रिया निर्धारित थी और उसका पालन किस तरह किया गया। इसके अलावा परीक्षा से संबंधित रिकॉर्ड और भर्ती प्रक्रिया के दूसरे दस्तावेजों की भी जांच होगी।
KGMU से मांगे गए दस्तावेज
जांच के लिए KGMU प्रशासन से भर्ती से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा गया है। इनमें परीक्षा प्रक्रिया, अभ्यर्थियों से जुड़े रिकॉर्ड और भर्ती से संबंधित अन्य दस्तावेज शामिल हैं।
जांच अधिकारी इन रिकॉर्ड के आधार पर यह पता लगाने का प्रयास करेंगे कि भर्ती प्रक्रिया में निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं का पालन हुआ था या नहीं।
STF पहले से कर रही जांच
इस मामले में STF की जांच पहले से चल रही है। अब शासन के निर्देश पर DGME स्तर पर अलग से जांच शुरू होने से भर्ती प्रक्रिया की जांच दो स्तरों पर होगी।
DGME की जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई को लेकर निर्णय लिया जा सकता है। फिलहाल भर्ती में धांधली के आरोपों की जांच जारी है और किसी भी अनियमितता की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
2023 में हुई थी भर्ती
KGMU में वर्ष 2023 में नर्सिंग के 1,276 पदों पर भर्ती प्रक्रिया आयोजित की गई थी। इसी भर्ती को लेकर परीक्षा प्रणाली और चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए हैं। अब शासन स्तर से जांच के आदेश के बाद पूरे भर्ती रिकॉर्ड की दोबारा पड़ताल की जाएगी।
जांच का उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया और भर्ती से जुड़े आरोपों की तथ्यात्मक स्थिति स्पष्ट करना है।
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