ग्रीन गैस ठगी में सलोनी पर शिकंजा, 23.50 लाख का मामला

मुंबई से 45 वर्षीय महिला गिरफ्तार, मीटर और बिल अपडेट के नाम पर ग्राहकों को बनाते थे निशाना; APK फाइल से मोबाइल हैक करने का आरोप

लखनऊ: ग्रीन गैस लिमिटेड का कर्मचारी बनकर लोगों को साइबर ठगी का शिकार बनाने वाले गिरोह पर लखनऊ पुलिस ने शिकंजा कसा है। साइबर क्राइम पुलिस ने मुंबई से 45 वर्षीय सलोनी कुमारी को गिरफ्तार किया है। उस पर लखनऊ के एक बुजुर्ग से ग्रीन गैस कनेक्शन और मीटर अपडेट के नाम पर 23.50 लाख रुपये की ठगी में शामिल होने का आरोप है।

पुलिस की जांच में सामने आया है कि गिरोह के सदस्य खुद को ग्रीन गैस कर्मचारी बताकर ग्राहकों को फोन करते थे। कभी बिल अपडेट कराने तो कभी गैस मीटर अपडेट न होने पर कनेक्शन काटने की धमकी देकर लोगों को डराया जाता था। इसके बाद भुगतान या अपडेट के नाम पर WhatsApp के जरिए APK फाइल या लिंक भेजा जाता था।

संबंधित ख़बर: APK फाइल बनी साइबर ठगों का हथियार, लाखों की ठगी

मुंबई में बैठकर नेटवर्क चलाने का आरोप

पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस के जरिए गिरोह से जुड़े नंबरों और उनकी लोकेशन खंगाली। जांच में एक संदिग्ध की लोकेशन मुंबई में मिली, जिसके बाद पुलिस टीम ने वहां पहुंचकर सलोनी कुमारी को गिरफ्तार किया।

पूछताछ में पुलिस को गिरोह के दूसरे सदस्यों के बारे में अहम जानकारी मिलने की उम्मीद है। गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं।

APK फाइल खोलते ही मोबाइल पर कब्जे की कोशिश

गिरोह का तरीका बेहद शातिर बताया जा रहा है। जालसाज पहले ग्राहक को ग्रीन गैस कर्मचारी बनकर कॉल या WhatsApp मैसेज करते थे। इसके बाद बिल बकाया होने, मीटर अपडेट न होने या कनेक्शन बंद होने की बात कहकर तत्काल कार्रवाई के लिए दबाव बनाया जाता था।

इसके बाद एक APK फाइल भेजकर उसे डाउनलोड करने या खोलने के लिए कहा जाता था। पुलिस के मुताबिक, फाइल सक्रिय होने के बाद जालसाज मोबाइल तक पहुंच बनाने और बैंकिंग जानकारी हासिल करने की कोशिश करते थे। इसके बाद खातों से रकम निकाल ली जाती थी।

40 से ज्यादा लोगों को बनाया निशाना

ग्रीन गैस के नाम पर चल रहे इस साइबर फ्रॉड की जांच में ठगी का दायरा बड़ा सामने आया है। पुलिस को 40 से ज्यादा लोगों से ठगी की शिकायतें मिली हैं और कुल रकम पांच करोड़ रुपये से अधिक होने की बात सामने आई है। इसके अलावा पुलिस के पास ऐसे मामलों से जुड़ी कई शिकायतें भी पहुंची हैं।

पुलिस अब गिरफ्तार महिला से पूछताछ के जरिए गिरोह के दूसरे सदस्यों, बैंक खातों और ठगी की रकम के लेनदेन की जानकारी जुटा रही है।

34 मामलों से भी जुड़ाव की जांच

एक ताजा रिपोर्ट के अनुसार, गिरफ्तार महिला की भूमिका ग्रीन गैस से जुड़े 34 साइबर ठगी मामलों में सामने आई है। पुलिस अब इन मामलों के बीच आपसी कनेक्शन और आरोपी की वास्तविक भूमिका की जांच कर रही है।

पुलिस की लोगों को चेतावनी

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि WhatsApp पर किसी अनजान नंबर से आने वाली APK फाइल डाउनलोड या इंस्टॉल न करें। गैस, बिजली या किसी अन्य सेवा का कनेक्शन काटने की धमकी मिलने पर घबराकर दिए गए लिंक पर क्लिक करने के बजाय संबंधित कंपनी के आधिकारिक माध्यम से जानकारी की पुष्टि करें।

साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 पर शिकायत करने की अपील की गई है। ग्रीन गैस से जुड़े संदेशों की पुष्टि उसके अधिकृत ग्राहक सेवा माध्यमों से ही करने की सलाह दी गई है।

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