दिल्ली में ड्रग्स नेटवर्क का भंडाफोड़, लखनऊ में चल रही थी हेरोइन बनाने की फैक्ट्री

नई दिल्ली/लखनऊ: दिल्ली पुलिस की रोहिणी जिला स्पेशल स्टाफ टीम ने अंतरराज्यीय हेरोइन सप्लाई नेटवर्क का खुलासा करते हुए उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में चल रही कथित अवैध हेरोइन निर्माण इकाई का भंडाफोड़ किया है। पुलिस के मुताबिक, इस कार्रवाई में कुल 7.076 किलोग्राम हेरोइन बरामद की गई, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 50 करोड़ रुपये है। मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस की जांच में सामने आया कि इस नेटवर्क की कड़ियां दिल्ली-NCR से उत्तर प्रदेश तक फैली थीं। जांच के दौरान लखनऊ के जानकीपुरम स्थित एक कथित अवैध निर्माण इकाई पर छापा मारा गया। यहां से 6.275 किलोग्राम तैयार हेरोइन बरामद हुई। इसके अलावा मादक पदार्थ तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री और उपकरण भी जब्त किए गए।

दिल्ली में हेरोइन की बरामदगी से शुरू हुई जांच

पुलिस के अनुसार, मामले की जांच 16 सितंबर 2026 को दिल्ली के बेगमपुर इलाके में मिली मादक पदार्थ की सप्लाई संबंधी सूचना के बाद शुरू हुई। रोहिणी सेक्टर-32 में कार्रवाई के दौरान पुलिस ने हरियाणा निवासी लक्ष्मण हुड्डा को पकड़ा। उसके पास से 300 ग्राम हेरोइन और तीन लाख रुपये नकद बरामद किए गए।

इसके बाद जांच आगे बढ़ी और पुलिस ने सोनीपत से अनिल उर्फ भोला को गिरफ्तार किया। उसकी गाड़ी से 501 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। पूछताछ और अन्य जांच के आधार पर पुलिस को कथित सप्लाई नेटवर्क की आगे की कड़ियों के बारे में जानकारी मिली, जिसके बाद जांच लखनऊ तक पहुंची।

लखनऊ में छापेमारी, तैयार हेरोइन और उपकरण जब्त

पुलिस ने 4 अक्टूबर को लखनऊ के जानकीपुरम स्थित सीता कॉलोनी में कथित हेरोइन निर्माण इकाई पर छापा मारा। यहां से बबलू नाम के आरोपी को गिरफ्तार किया गया। कार्रवाई के दौरान 6.275 किलोग्राम तैयार हेरोइन के अलावा 2.504 किलोग्राम सोडियम, 787 ग्राम एसीटिक एनहाइड्राइड और निर्माण में इस्तेमाल होने वाले अन्य उपकरण बरामद किए गए।

जब्त सामान में गैस सिलिंडर, मिक्सर ग्राइंडर, बर्तन, प्लास्टिक की थैलियां और इलेक्ट्रॉनिक वजन मशीन भी शामिल हैं। पुलिस इन वस्तुओं की जांच के साथ यह पता लगाने में जुटी है कि कथित निर्माण इकाई में मादक पदार्थ की आपूर्ति और वितरण किस तरह किया जा रहा था।

बरेली से कथित मुख्य सप्लायर गिरफ्तार

पुलिस के मुताबिक, बबलू से मिली जानकारी के आधार पर रुकसार अली उर्फ राजू की तलाश की गई। उसे बरेली से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने उसे कथित मुख्य सप्लायर और निर्माण इकाई का मालिक बताया है।

जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि नेटवर्क के जरिए किन इलाकों में हेरोइन की आपूर्ति की जाती थी, निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री कहां से आती थी और इस कारोबार से जुड़े अन्य लोग कौन हैं।

सप्लाई चेन और वित्तीय लेनदेन की जांच जारी

पुलिस इस मामले में कथित सप्लाई चेन, वित्तीय लेनदेन और मादक पदार्थ बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की खरीद से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि गिरफ्तार आरोपियों के अलावा नेटवर्क में अन्य लोगों की क्या भूमिका थी।

फिलहाल पुलिस की ओर से उपलब्ध जानकारी इस मामले में चार गिरफ्तारियों और करीब 50 करोड़ रुपये की अनुमानित अंतरराष्ट्रीय बाजार कीमत वाली हेरोइन की बरामदगी की पुष्टि करती है। मामले में आगे की जांच जारी है।

Also Read: उन्नाव में लोहे के बक्से में मिला युवक का शव, पत्नी समेत तीन गिरफ्तार

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *