₹9 करोड़ के कारोबार ऋण का लालच देकर ₹12 लाख लिए जाने का आरोप; Green Gas कनेक्शन अपडेट के नाम पर दो लोगों के खातों से भी रकम निकली।

लखनऊ में साइबर ठगी के तीन अलग-अलग मामलों में शहर के निवासियों को कुल ₹23.38 लाख का नुकसान होने की शिकायत सामने आई है। एक मामले में कारोबारी को ₹9 करोड़ का लोन दिलाने का झांसा देकर कथित तौर पर ₹12 लाख लिए गए। वहीं, दो अन्य मामलों में खुद को Green Gas का कर्मचारी बताने वाले लोगों ने गैस कनेक्शन अपडेट कराने के नाम पर मोबाइल में APK फाइल डाउनलोड कराई। शिकायतकर्ताओं के मुताबिक, इस-के बाद उनके बैंक खातों और क्रेडिट कार्ड से बड़ी रकम निकल गई। पुलिस ने मामलों की जांच शुरू कर दी है और लेनदेन की कड़ियां खंगाली जा रही हैं।
₹9 करोड़ के लोन का वादा, पहले जमा कराए ₹12 लाख
फ्रेंड्स कॉलोनी निवासी सौभाग्य, ओइकोश्रेम इन्फ्राटेक लिमिटेड के निदेशक हैं। शिकायत के मुताबिक, एक व्यक्ति ने खुद को बैंक का डायरेक्ट सेलिंग एजेंट बताते हुए उनसे संपर्क किया और सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) के बदले ₹9 करोड़ का कारोबारी लोन दिलाने की बात कही। कॉल करने वाले ने अपना नाम राजकुमार बाजपेयी बताया।
आरोप है कि लोन की प्रक्रिया समझाते हुए शिकायतकर्ता को डीमैट खाता खुलवाने के लिए कहा गया। उन्हें बताया गया कि उनके गोल्ड बॉन्ड लीज पर लेकर लोन के लिए जमानत के तौर पर इस्तेमाल किए जाएंगे। मई और जून के बीच प्रोसेसिंग, लीज और ब्रोकरेज शुल्क के नाम पर उनसे कथित तौर पर ₹12 लाख ट्रांसफर कराए गए।
शिकायत के अनुसार, बाद में डीमैट खाते में करीब ₹9 करोड़ मूल्य के SGB दिखाए गए। आरोपी ने कथित तौर पर लोन प्रोसेसिंग एग्रीमेंट और सिक्योरिटी चेक जैसे दस्तावेज भी दिए। लेकिन कुछ ही दिनों में बॉन्ड खाते से गायब हो गए और डीमैट खाता ब्लॉक हो गया। रकम वापस मांगने पर धमकी दिए जाने का भी आरोप है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि रकम किन खातों में पहुंची और उसे आगे कहां भेजा गया।
गैस कनेक्शन अपडेट के नाम पर दो लोगों को निशाना बनाया
बाकी दो शिकायतों में ठगों ने Green Gas के अधिकारी या कर्मचारी बनकर संपर्क किया। पीड़ितों को बताया गया कि गैस कनेक्शन अपडेट नहीं है और प्रक्रिया पूरी न करने पर सेवा बंद हो सकती है। इस-के बाद मोबाइल पर APK फाइल भेजकर उसे इंस्टॉल करने के लिए कहा गया।
हिंद नगर निवासी प्रीति मोटियानी ने शिकायत में बताया कि अज्ञात कॉलर के भेजे एप्लिकेशन को डाउनलोड करने के बाद उनके बैंक ऑफ बड़ौदा खाते से कई बार में ₹6.04 लाख की अनधिकृत निकासी हुई। उन्हें बैंक का संदेश मिलने पर लेनदेन का पता चला। रिपोर्ट के अनुसार, रकम IMPS के जरिए निकाली गई और पुलिस भुगतान की कड़ियां तलाश रही है।
गोमतीनगर के वास्तुखंड निवासी कौशलेंद्र सिंह ने भी इसी तरह की शिकायत की है। उनके मुताबिक, WhatsApp कॉल करने वाले ने Green Gas का लोगो दिखाते हुए कनेक्शन अपडेट न होने पर गैस आपूर्ति बंद होने की चेतावनी दी। इस-के बाद भेजी गई APK फाइल डाउनलोड कराई गई और ₹13 का टोकन भुगतान कराया गया। शिकायतकर्ता ने बैंक खातों और क्रेडिट कार्ड से कुल ₹5.34 लाख की रकम निकल-ने की बात कही है।
पुलिस की जांच और उपभोक्ताओं के लिए चेतावनी
तीनों शिकायतों में ठगी का तरीका अलग है, लेकिन हर मामले में भरोसेमंद सेवा या वित्तीय सुविधा का नाम इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई है। लोन के मामले में बड़ी रकम दिलाने का लालच दिया गया, जबकि गैस कनेक्शन से जुड़े मामलों में सेवा बंद होने की आशंका दिखाकर लोगों को जल्दबाजी में कदम उठाने के लिए प्रेरित किया गया। पुलिस लेनदेन का रिकॉर्ड जुटा-कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पैसा किन खातों में गया और उसके पीछे कौन लोग हैं।
साइबर पुलिस स्टेशन के कार्यवाहक प्रभारी शमीम अहमद ने लोगों को अज्ञात नंबरों से भेजी गई APK फाइल डाउनलोड न करने और गैस कनेक्शन अपडेट के लिए आए अनजान अनुरोधों पर भरोसा न करने की सलाह दी है। Green Gas या किसी अन्य सेवा से जुड़ी सूचना की पुष्टि कंपनी के आधिकारिक माध्यम से करनी चाहिए। किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर ऐप इंस्टॉल करना, बैंकिंग जानकारी साझा करना या भुगतान करना जोखिम भरा हो सकता है।
अगर खाते से अनधिकृत रकम निकल-ने का पता चले, तो बैंक को तुरंत सूचना दें और साइबर वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायत के लिए 1930 हेल्पलाइन या आधिकारिक साइबर क्राइम पोर्टल का इस्तेमाल करें। पुलिस की जांच जारी है; शिकायतों में लगाए गए आरोपों और रकम की अंतिम पुष्टि जांच के बाद ही होगी।
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