2012–2018 के MBBS, PG और रेजिडेंट बैचों के दस्तावेज खंगाले; जांच के दायरे में आए डॉक्टर के पुराने संपर्कों की भी पड़ताल

लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) से जुड़े कथित धर्मांतरण और उत्पीड़न मामले की जांच अब आगरा तक पहुंच गई है। उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने आगरा के सरोजिनी नायडू मेडिकल कॉलेज (SN मेडिकल कॉलेज) पहुंचकर रिकॉर्ड जुटाए हैं। जांच टीम ने 2012 से 2018 के बीच कॉलेज से जुड़े MBBS, स्नातकोत्तर (PG), रेजिडेंट और अन्य मेडिकल छात्रों के दस्तावेजों की पड़ताल की। मामले में जांच के दायरे में आए डॉक्टर की पढ़ाई और उस दौरान के संपर्कों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
कॉलेज प्रशासन से मांगे गए दस्तावेज
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, STF ने कॉलेज प्रशासन से संबंधित डॉक्टर के शैक्षणिक और संस्थागत रिकॉर्ड मांगे थे। टीम ने निर्धारित अवधि के विद्यार्थियों से जुड़े दस्तावेज भी अपने साथ लिए। जांच के दौरान डॉक्टर के पूर्व सहपाठियों, शिक्षकों और संस्थान से जुड़े अन्य लोगों से बातचीत किए जांचने की जानकारी सामने आई है। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता के हवाले से बताया गया है कि STF ने डॉक्टर के रिकॉर्ड के साथ 2012 से 2018 के बीच के छात्रों का विवरण भी मांगा था।
जांच का एक हिस्सा यह पता लगाना है कि संबंधित डॉक्टर की पढ़ाई के दौरान किन लोगों से मेलजोल था और क्या उस समय की कोई गतिविधि मौजूदा मामले की जांच में प्रासंगिक है। दस्तावेज जुटाना और पुराने संपर्कों की जानकारी लेना जांच की प्रक्रिया का हिस्सा है; इस किसी व्यक्ति या संस्थान की भूमिका अपने आप साबित नहीं होती।
KGMU में लगे आरोपों से संबंध की पड़ताल
KGMU मामले में डॉक्टर पर एक महिला डॉक्टर को कथित तौर पर संबंध, विवाह और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डालने के आरोपों की जांच चल रही है। STF अब यह देख रही है कि आगरा में डॉक्टर के अध्ययनकाल के दौरान बने संपर्कों या गतिविधियों का लखनऊ में दर्ज शिकायतों से कोई संबंध है या नहीं।
KGMU से जुड़े आरोपों के संबंध में उत्तर प्रदेश सरकार ने विश्वविद्यालय प्रशासन को STF रिपोर्ट में नामित कर्मचारियों के खिलाफ संस्थागत नियमों के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू करने को कहा है। विश्वविद्यालय ने मामले की समीक्षा और आगे की कार्रवाई के लिए कार्यकारी परिषद की बैठक बुलाने की जानकारी भी दी है। यह प्रशासनिक प्रक्रिया जांच में लगाए गए आरोपों के अंतिम रूप से सिद्ध होने के बराबर नहीं है।
‘इस्लामिक मेडिकोज’ समूह का उल्लेख
कुछ मीडिया रिपोर्टों में SN मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर के अध्ययनकाल के दौरान कथित तौर पर सक्रिय रहे ‘इस्लामिक मेडिकोज’ नाम के समूह का भी जिक्र है। जांच एजेंसी इस समूह की गतिविधियों, उस जुड़े लोगों और संभावित संपर्कों के बारे में जानकारी जुटा रही है। रिपोर्टों में कुछ लोगों के कॉलेज आने और अलग-अलग बैठकें करने के दावे भी सामने आए हैं, लेकिन इन दावों की विस्तृत आधिकारिक पुष्टि सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है। इसलिए इन्हें जांच से जुड़े दावों के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।
आगरा में एक अन्य शिकायत की भी चर्चा
मीडिया रिपोर्टों में SN मेडिकल कॉलेज से जुड़ी एक महिला के कथित धर्मांतरण की शिकायत का भी उल्लेख किया गया है। इस शिकायत और मौजूदा KGMU मामले के बीच किसी संभावित संबंध की जांच किए जांचने की बात कही गई है। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों में इस संबंध में जांच एजेंसी के विस्तृत निष्कर्ष या सभी संबंधित पक्षों के बयान सार्वजनिक नहीं हुए हैं।
STF की आगरा में कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य पुराने रिकॉर्ड और संपर्कों के आधार पर जांच के दायरे में आए डॉक्टर की पृष्ठभूमि को समझना है। कॉलेज से दस्तावेज लिए जांचने का अर्थ यह नहीं है कि SN मेडिकल कॉलेज, उसके सभी विद्यार्थी या शिक्षक किसी कथित अपराध में शामिल हैं। जांच के निष्कर्ष और संबंधित पक्षों की जिम्मेदारी का निर्धारण साक्ष्यों तथा आधिकारिक प्रक्रिया के आधार पर ही होगा।
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