24 घंटे में योगी का तीसरा अल्टीमेटम: बोले– दंगा किया तो मिलेगा ‘जहन्नुम का टिकट’

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को बलरामपुर दौरे पर पहुंचे। यहां सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने बरेली हिंसा का जिक्र किया और लगातार तीसरी बार दंगाइयों को सख्त चेतावनी दी। सीएम ने कहा कि “उत्तर प्रदेश में अराजकता और दंगा फैलाने वालों को जहन्नुम का टिकट मिलेगा। गजवा-ए-हिंद की कल्पना करने वालों को नरक का पास दिया जाएगा।”

उन्होंने कहा कि भारत महान आत्माओं की भूमि है और यहां वही आदर्श चलेंगे, जिन्होंने राष्ट्र के लिए अपना बलिदान दिया।

छांगुर को बताया ‘कालनेमि राक्षस’

सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में विकास कार्यों में बाधा डालने वालों का अंजाम छांगुर जैसा होगा। उन्होंने छांगुर की तुलना कालनेमि राक्षस से की और विपक्षी दलों – सपा व कांग्रेस – पर अराजक तत्वों को समर्थन देने का आरोप लगाया।

गजवा-ए-हिंद पर सख्त चेतावनी

मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि भारत की धरती पर गजवा-ए-हिंद की कोई जगह नहीं है। इस कल्पना को करना या सपने में देखना भी नरक का टिकट बन जाएगा। उन्होंने चेताया कि ऐसे लोग कान खोलकर सुन लें, देर-सवेर उनका हश्र भी छांगुर जैसा होगा।

“आस्था सड़क पर दिखाने की चीज नहीं”

सीएम योगी ने कहा कि कुछ लोग आस्था के नाम पर माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “हम उनकी सोच से कहीं ज्यादा तैयार हैं। उन्हें वैसे ही सबक मिलेगा जैसे बरेली में मिला। आस्था का सम्मान होता है, यह चौराहों पर दिखाने की चीज नहीं।”

बच्चों का इस्तेमाल करने पर नाराजगी

उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग छोटे बच्चों को ‘आई लव मुहम्मद’ लिखे पोस्टर पकड़ाकर समाज में अराजकता फैला रहे हैं। ऐसे लोग न सिर्फ अपनी जिंदगी बर्बाद कर रहे हैं, बल्कि मासूम बच्चों का भविष्य भी खराब करने पर तुले हुए हैं। सीएम ने दोहराया कि सरकार किसी भी तरह की अराजकता बर्दाश्त नहीं करेगी और कानून हाथ में लेने वालों को सीधे नरक का टिकट दे देगी।

मंदिर में दर्शन और गोसेवा

सभा से पहले मुख्यमंत्री ने देवीपाटन मंदिर में मां पाटेश्वरी के दर्शन किए और उनके चरण पखारे। उन्होंने आरती की और गोशाला जाकर गायों को गुड़, चना व रोटियां खिलाकर गोसेवा की। इसके बाद मंदिर में मौजूद श्रद्धालुओं और बच्चों से मुलाकात की। बच्चों को टॉफियां दीं और मन लगाकर पढ़ाई करने की सलाह दी।

शनिवार रात को ही योगी आदित्यनाथ मंदिर पहुंचे थे और यहीं रात्रि विश्राम किया। इस मौके पर मंदिर के महंत मिथिलेश नाथ योगी और गोरखपुर कालीबाड़ी मंदिर के महंत रवींद्र दास भी मौजूद रहे।

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