चारबाग स्टेशन पर चोरी का पता चलने के बाद महिला ने चार बार इमरजेंसी चेन खींचने और हेल्पलाइन पर संपर्क करने की बात कही; कुल नुकसान करीब ₹2.75 लाख बताया।

लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन पर ट्रेन के फर्स्ट एसी कोच में यात्रा कर रही एक महिला ने अपने गहने और नकदी चोरी होने की शिकायत की है। महिला के मुताबिक, बैग में रखे करीब ₹2.50 लाख के आभूषण और ₹25 हजार नकद गायब हो गए। कुल नुकसान लगभग ₹2.75 लाख बताया गया है। घटना का पता चलने पर उन्होंने ट्रेन की इमरजेंसी चेन चार बार खींचने और रेलवे हेल्पलाइन पर संपर्क करने का दावा किया, लेकिन उनके अनुसार मौके पर न तो रेलवे कर्मचारी पहुंचे और न ही पुलिस ने मदद की।
चारबाग पहुंचने पर चोरी का पता चला
महिला अपने छोटे बेटे के साथ ट्रेन नंबर 15726, आनंद विहार टर्मिनस–न्यू जलपाईगुड़ी एक्सप्रेस के फर्स्ट एसी कोच में सफर कर रही थीं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ट्रेन सोमवार देर रात लखनऊ के चारबाग स्टेशन पहुंची। इसी दौरान महिला को पता चला कि उनका गहनों और नकदी वाला बैग गायब है। उन्होंने बताया कि बैग में लगभग ढाई लाख रुपये के गहने और 25 हजार रुपये नकद रखे थे।
महिला ने घटना के बाद अपना वीडियो साझा किया, जिसमें वह परेशान नजर आईं और रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि फर्स्ट एसी केबिन में यात्रा के बावजूद सामान सुरक्षित नहीं रहा। उन्होंने यह भी कहा कि उनके साथ छोटा बच्चा था और घटना के दौरान उन्हें मदद की जरूरत थी।
चार बार चेन खींचने के बाद भी मदद न मिलने का दावा
महिला के अनुसार, चोरी का पता लगते ही उन्होंने ट्रेन रोकने के लिए चार बार इमरजेंसी चेन खींची। उनका आरोप है कि इस के बावजूद कोई टीटीई, रेलवे कर्मचारी या पुलिसकर्मी मदद के लिए नहीं पहुंचा। उन्होंने रेलवे हेल्पलाइन पर फोन करने की भी बात कही, लेकिन दावा किया कि वहां से भी तत्काल सहायता नहीं मिली।
हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि सामान ट्रेन के किस हिस्से या किस स्थान पर चोरी हुआ। महिला ने भी अपनी शिकायत में चोरी की सटीक जगह की पुष्टि नहीं की है। घटना किस समय हुई और बैग तक किसकी पहुंच थी, यह जांच का विषय है। इसलिए फिलहाल चोरी की परिस्थितियों और किसी संदिग्ध की भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
सोशल मीडिया पर वीडियो के बाद रेलवे ने लिया संज्ञान
महिला का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद रेलवे अधिकारियों तक मामला पहुंचा। रिपोर्टों के मुताबिक, पूर्वोत्तर रेलवे के मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय ने संबंधित रेलवे मंडल और RPF से मामले की जांच कराने का अनुरोध किया। RPF की ओर से बताया गया है कि प्रकरण की पड़ताल की जा रही है। गई है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में चोरी की FIR दर्ज होने, किसी संदिग्ध की पहचान या गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं है। जांच में यह पता लगाया जाना बाकी है कि चोरी कहां हुई, घटना के वक्त सुरक्षा व्यवस्था कैसी थी और महिला की मदद के लिए की गई कोशिशों पर क्या प्रतिक्रिया हुई।
यात्रियों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
फर्स्ट एसी कोच में चोरी की शिकायत ने ट्रेन में यात्रियों और उनके सामान की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए हैं। महिला ने खास तौर पर इस बात पर चिंता जताई कि बंद केबिन में यात्रा करने के बावजूद उन्हें सुरक्षित महसूस नहीं हुआ। हालांकि, घटना के वास्तविक क्रम और सुरक्षा कर्मियों की प्रतिक्रिया का निर्धारण जांच के बाद ही किया जा सकेगा।
रेलवे यात्रियों को सुरक्षा या सहायता की जरूरत होने पर हेल्पलाइन 139 और RailMadad के जरिए शिकायत दर्ज कराने की सुविधा देता है। किसी घटना के बाद यात्रियों को ट्रेन नंबर, कोच और सीट का विवरण, यात्रा का समय तथा उपलब्ध अन्य जानकारी सुरक्षित रखकर जल्द से जल्द शिकायत करनी चाहिए। इस मामले में भी जांच एजेंसियों के सामने अब चोरी की जगह और समय की पुष्टि, शिकायत पर हुई कार्रवाई तथा सामान की बरामदगी जैसे सवाल हैं। महिला के आरोपों और रेलवे की जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की तस्वीर साफ हो सकेगी।
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