मुंबई से पकड़ी गई आरोपी; एक महीने में 40 से ज्यादा लोगों को निशाना बनाने का दावा, पुलिस लखनऊ ला रही

लखनऊ: ग्रीन गैस कनेक्शन और मीटर अपडेट के नाम पर की जा रही साइबर ठगी के मामले में लखनऊ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने मुंबई से एक महिला को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी महिला पर ऐसे गिरोह से जुड़े होने का आरोप है, जिसने पिछले करीब एक महीने में 40 से अधिक लोगों को अपना निशाना बनाया और करीब 5 करोड़ रुपये की ठगी की।
पुलिस ने गिरफ्तार महिला की पहचान सना के रूप में बताई है। साइबर क्राइम थाना पुलिस के इंस्पेक्टर आलोक राय के अनुसार, आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर लेकर लखनऊ लाया जा रहा है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि सना मुंबई से गिरोह के संचालन में भूमिका निभा रही थी।
ग्रीन गैस कर्मचारी बनकर करते थे ठगी
जांच में सामने आए तरीके के मुताबिक, साइबर जालसाज खुद को ग्रीन गैस कंपनी का कर्मचारी बताकर उपभोक्ताओं से संपर्क करते थे। उन्हें बिल अपडेट नहीं होने, मीटर अपडेट कराने या कनेक्शन बंद होने जैसी बातों का झांसा दिया जाता था।
इसके बाद आरोपियों की ओर से WhatsApp के जरिए एक APK फाइल भेजी जाती थी। पीड़ितों से इसे डाउनलोड और इंस्टॉल करने के लिए कहा जाता था। पुलिस और साइबर जांच से सामने आया है कि ऐसी फर्जी फाइल मोबाइल की संवेदनशील जानकारी तक पहुंच हासिल करने और बैंक खातों से रकम निकालने के लिए इस्तेमाल की जा रही थी।
40 से ज्यादा शिकायतें, कई FIR
लखनऊ में ग्रीन गैस के नाम पर साइबर ठगी के मामले लगातार सामने आने के बाद पुलिस ने जांच तेज की थी। सितंबर में पुलिस के पास 45 से अधिक ग्रीन गैस उपभोक्ताओं के साइबर फ्रॉड की शिकायतें पहुंचने की जानकारी सामने आई थी। वहीं, अलग-अलग मामलों में कई FIR भी दर्ज की गई हैं।
पुलिस के मुताबिक, जालसाजों के निशाने पर आए लोगों से बड़ी रकम की ठगी की गई। एक मामले में चार लोगों से ही 13.56 लाख रुपये ठगे जाने की शिकायत दर्ज हुई थी।
मुंबई तक पहुंची जांच
पुलिस ने पीड़ितों को किए गए फोन कॉल और इस्तेमाल किए गए नंबरों की पड़ताल के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। इन्हीं सुरागों के आधार पर साइबर क्राइम थाना पुलिस की टीम मुंबई पहुंची और आरोपी महिला को गिरफ्तार किया।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में महिला ने गिरोह से जुड़े अन्य लोगों के दूसरे राज्यों और जिलों में मौजूद होने की जानकारी दी है। अब पुलिस इन ठिकानों तक पहुंचने और गिरोह के अन्य सदस्यों की भूमिका की जांच कर रही है।
पहले से चला रही है ‘डिजिटल कवच’ मुहिम
ग्रीन गैस के नाम पर बढ़ते साइबर फ्रॉड को देखते हुए लखनऊ पुलिस की क्राइम ब्रांच ने ‘ऑपरेशन डिजिटल कवच’ के तहत जागरूकता अभियान भी शुरू किया है। पुलिस लोगों को फर्जी कॉल, WhatsApp मैसेज और APK फाइलों के जरिए होने वाली ठगी के तरीकों के बारे में जानकारी दे रही है।
इस मामले में पुलिस अब गिरफ्तार महिला से पूछताछ के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों और ठगी की रकम के प्रवाह की जानकारी जुटा रही है। 5 करोड़ रुपये की ठगी का आंकड़ा पुलिस जांच में सामने आया प्रारंभिक आरोप है; अंतिम रकम और गिरोह के पूरे नेटवर्क की तस्वीर जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी।
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