रमाबाई रैली स्थल पर सुबह 8 बजे से मतगणना; स्नातक सीट पर 16 और शिक्षक सीट पर 13 उम्मीद-वार मैदान में, BJP-सपा के मुकाबले पर नजर।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधान परिषद की लखनऊ खंड स्नातक और शिक्षक निर्वाचन सीटों के चुनाव परिणाम आज, 27 अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे। दोनों सीटों पर कुल 29 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला मतगणना के साथ होगा। इसके लिए राजधानी के रमाबाई रैली स्थल पर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मतगणना सुबह 8 बजे से शुरू होगी और अंतिम नतीजे आने तक जारी रहेगी।
स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में 16 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं, जबकि शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से 13 उम्मीद-वार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। दोनों सीटों के मतों की गिनती अलग-अलग हॉल में कराई जाएगी। शुरुआती रुझान आने के बाद भी अंतिम परिणाम के लिए पूरी मतगणना प्रक्रिया का पूरा होना जरूरी होगा।
दो हॉल में होगी मतों की गिनती
मतगणना के लिए रमाबाई रैली स्थल पर हॉल नंबर-7 में स्नातक निर्वाचन क्षेत्र और हॉल नंबर-8 में शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के मतों की गिनती की व्यवस्था की गई है। दोनों हॉल में 14-14 टेबल लगाई गई हैं। प्रत्येक टेबल पर मतगणना के लिए चार कर्मचारियों की तैनाती की गई है।
गिनती शुरू होने से पहले मतपेटियों से निकले मतपत्रों की संख्या का मतदान के दौरान तैयार किए गए रिकॉर्ड से मिलान किया जाएगा। इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत मतपत्रों की गिनती होगी। पूरी प्रक्रिया पर निगरानी रखी जाएगी और मतगणना केंद्र पर प्रत्याशियों के एजेंट भी मौजूद रह सकेंगे।
BJP और सपा के बीच मुकाबले पर नजर
लखनऊ खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा के अवनीश कुमार सिंह और समाजवादी पार्टी की कांति सिंह के बीच मुकाबले पर राजनीतिक नजरें टिकी हैं। वहीं, शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा के उमेश द्विवेदी और सपा के सुशील कुमार पटेल मैदान में हैं।
दोनों सीटों पर परिणाम को लेकर भाजपा और सपा के समर्थकों में उत्सुकता है। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले इन चुनावों को दोनों दलों के संगठनात्मक प्रभाव और शिक्षक-स्नातक मतदाताओं के बीच समर्थन के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है। हालांकि, विधान परिषद की इन सीटों के नतीजे पूरे प्रदेश के मतदाताओं की पसंद का सीधा संकेत नहीं माने जा सकते।
स्नातक सीट पर वरीयता क्रम से तय होगा नतीजा
स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना सामान्य सीधे मतों की गिनती से अलग हो सकती है। इस चुनाव में मतदाता अपनी पसंद के उम्मीदवारों को वरीयता क्रम देते हैं। यदि पहली गिनती में कोई प्रत्याशी जीत के लिए निर्धारित मतों का कोटा हासिल नहीं करता, तो सबसे कम मत पाने वाले प्रत्याशी को बाहर कर उसके मतपत्रों पर दर्ज अगली वैध वरीयता के अनुसार मत दूसरे प्रत्याशियों को हस्तांतरित किए जा सकते हैं।
इस वजह से शुरुआती बढ़त को अंतिम जीत नहीं माना जा सकता। शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भी निर्धारित चुनावी नियमों के अनुसार मतगणना पूरी होने के बाद ही विजेता की घोषणा होगी।
अब सभी की निगाहें मतगणना केंद्र से आने वाले रुझानों और आधिकारिक परिणाम पर हैं। अंतिम नतीजे स्पष्ट करेंगे कि लखनऊ की स्नातक और शिक्षक सीटों पर किस प्रत्याशी को विधान परिषद पहुंचने का अवसर मिलेगा।
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