बदायूं आंबेडकर प्रतिमा विवाद पर मायावती की अपील

बसपा प्रमुख ने तनाव का शांतिपूर्ण समाधान निकालने की मांग की, कहा- संविधान सभी धर्मों की मान्यताओं और परंपराओं के सम्मान की सीख देता है

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बदायूं में डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा को लेकर उपजे विवाद के बीच बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर संविधान, धार्मिक मामलों और आंबेडकर प्रतिमा विवाद को लेकर पार्टी का रुख सामने रखा।

मायावती ने कहा कि डॉ. आंबेडकर द्वारा दिए गए संविधान की मूल भावना सभी धर्मों की मान्यताओं, परंपराओं और रीति-रिवाजों का सम्मान करना है। उन्होंने कहा कि किसी की धार्मिक मान्यता में अनावश्यक हस्तक्षेप से बचना चाहिए।

बसपा प्रमुख ने शैक्षणिक संस्थानों में यूनिफॉर्म, पर्दा और हिजाब जैसे मुद्दों को लेकर भी संयम बरतने की बात कही। उनके मुताबिक, ऐसे मामलों को राजनीतिक या कानूनी विवाद का रूप देने के बजाय स्कूल प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन को आपसी बातचीत से समाधान निकालना चाहिए।

बदायूं में प्रतिमा को लेकर कैसे बढ़ा विवाद?

मामला बदायूं के फैजगंज बेहटा थाना क्षेत्र के राजा की सीकरी गांव का है। यहां ग्राम समाज की खलिहान की जमीन पर बिना अनुमति डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित किए जाने को लेकर विवाद शुरू हुआ। बाद में प्रतिमा को हटाए जाने और क्षतिग्रस्त किए जाने के आरोपों के बाद तनाव बढ़ गया।

प्रतिमा स्थापित करने की मांग को लेकर ग्रामीण और पुलिस-प्रशासन आमने-सामने आ गए। मंगलवार को विवाद ने उस समय गंभीर रूप ले लिया जब भीड़ ने मौके पर मौजूद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों पर पथराव शुरू कर दिया।

पथराव में कई वाहन क्षतिग्रस्त

पुलिस-प्रशासन के मुताबिक, करीब आधे घंटे तक चले पथराव में एसडीएम और सीओ के वाहनों समेत करीब एक दर्जन वाहन क्षतिग्रस्त हुए। अधिकारियों को मौके से हटकर खुद को सुरक्षित करना पड़ा।

पथराव में पुलिसकर्मियों और अन्य लोगों के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल ने कार्रवाई करते हुए भीड़ को मौके से हटाया और आंबेडकर की प्रतिमा को अपने कब्जे में ले लिया।

पुलिस ने मामले में करीब 12 लोगों को हिरासत में लिया है। इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस बल की तैनाती की गई है और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

मायावती ने क्या कहा?

मायावती ने बदायूं की घटना को लेकर प्रशासन से तत्काल और शांतिपूर्ण समाधान निकालने की मांग की। उन्होंने कहा कि महापुरुषों के सम्मान से जुड़े विषयों को राजनीतिक संघर्ष का माध्यम नहीं बनाया जाना चाहिए।

Also Read: पिथौरागढ़ की हिलजात्रा को CM धामी ने बताया लोकसंस्कृतिकी पहचान

Related Posts

महोबा में घर में घुसकर परिवार पर हमला, सास-दामाद गंभीर

चरखारी के बम्हौरी कलां गांव में करीब दो दर्जन लोगों पर लाठी-डंडे, रॉड और कुल्हाड़ी से हमला करने…

ByByCrime Desk Sep 14, 2026

सीतापुर हाईवे पर ग्रामीणों का विरोध, रेलिंग लगाने से बढ़ी परेशानी

रामपुर बेहड़ा और सरैया के ग्रामीण बोले- हाईवे पार करने में हो रही दिक्कत, डिवाइडर पर रेलिंग लगाने…

ByBySuramya Post Sep 14, 2026

लखनऊ में बिजली बिल वसूली अभियान, रेजीडेन्सी उपकेंद्र से राजस्व टीम रवाना

उपभोक्ताओं को बकाया बिल की जानकारी देकर समय से भुगतान के लिए किया जाएगा जागरूक, बिजली व्यवस्था मजबूत…

ByBySuramya Post Sep 14, 2026

मड़ियांव में शराब ठेके पर बुजुर्ग पर चाकू से हमला, मचा हड़कंप

लखनऊ में ठेके के पास सरेराह चाकूबाजी से दहशत, खुले में शराबखोरी को लेकर भी उठ रहे सवाल…

ByByCrime Desk Sep 12, 2026

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top