यूपी में निजी एंबुलेंस के खिलाफ तीन दिवसीय अभियान में 135 वाहनों का संचालन बंद कराया गया। परिवहन विभाग ने नियमों का उल्लंघन करने वाली एंबुलेंस पर कार्रवाई जारी रखने की बात कही।

लखनऊ: मरीजों को अस्पताल पहुंचाने वाली एंबुलेंस की सुरक्षा और वैध दस्तावेजों को लेकर उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है। अनफिट और नियमों के विपरीत संचालित हो रही निजी एंबुलेंस के खिलाफ चलाए गए विशेष अभियान में 772 वाहनों के चालान किए गए, जबकि 135 एंबुलेंस का संचालन बंद कराया गया। विभाग की इस कार्रवाई का उद्देश्य एंबुलेंस सेवाओं में निर्धारित सुरक्षा मानकों और परिवहन नियमों का पालन सुनिश्चित करना है।
5 से 7 अक्टूबर तक चला विशेष अभियान
परिवहन मंत्री के निर्देश पर प्रदेश में 5, 6 और 7 अक्टूबर 2026 को तीन दिवसीय अभियान चलाया गया। इस दौरान प्रवर्तन टीमों ने एंबुलेंस के दस्तावेजों और निर्धारित मानकों के अनुपालन की जांच की। नियमों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित वाहनों के खिलाफ चालान और संचालन बंद कराने जैसी कार्रवाई की गई।
मरीजों की सुरक्षा पर विभाग का जोर
परिवहन आयुक्त आशुतोष निरंजन ने कहा कि वाहनों का फिट होना बेहद जरूरी है। एंबुलेंस जैसी आपातकालीन सेवा में इस्तेमाल होने वाले वाहनों को भी निर्धारित मानकों के अनुरूप होना चाहिए। विभाग का जोर ऐसी एंबुलेंस के संचालन पर रोक लगाने पर है, जो जरूरी नियमों और सुरक्षा संबंधी शर्तों को पूरा नहीं करतीं।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि अवैध और अनफिट वाहनों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। इस अभियान के जरिए एंबुलेंस संचालन में नियमों के पालन को प्राथमिकता देने और मरीजों को सुरक्षित परिवहन उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।
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