मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महिला सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। मिशन शक्ति के तहत करीब 2.90 लाख स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थलों की जांच की गई, जबकि कार्रवाई के दौरान 6,276 आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा को लेकर मिशन शक्ति अभियान के तहत जागरूकता और पुलिस कार्रवाई पर जोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि बेटियों, बहनों और महिलाओं की सुरक्षा सभी की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। इसी दिशा में महिला बीट पुलिस को गांवों और शहरी वार्डों तक पहुंचाकर महिलाओं की समस्याएं सुनने, उन्हें सरकारी योजनाओं की जानकारी देने और जरूरत पड़ने पर सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
99,377 गांवों और वार्डों तक पहुंची महिला बीट पुलिस
मिशन शक्ति अभियान के फेज-5 के दूसरे चरण के तहत महिला बीट पुलिस अधिकारियों ने प्रदेश के 99,377 गांवों और वार्डों का दौरा किया। इस दौरान महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षा संबंधी जानकारी देने के साथ घरेलू हिंसा, पारिवारिक विवाद और भरण-पोषण जैसी समस्याओं से जुड़े मामलों में सहायता उपलब्ध कराने पर ध्यान दिया गया।
अभियान में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा वर्कर्स, एएनएम, बीसी सखी और ग्राम पंचायत से जुड़े कर्मियों ने भी सहयोग किया। इसका उद्देश्य स्थानीय स्तर पर महिलाओं तक सुरक्षा तंत्र और सरकारी सहायता की जानकारी पहुंचाना है।
करीब 2.90 लाख स्थानों पर जांच, 6,276 गिरफ्तारियां
महिला सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने स्कूलों, कॉलेजों, चौराहों, बाजारों, मॉल, पार्कों और अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों पर निगरानी और चेकिंग की। अभियान के दौरान कुल 2,90,153 स्थानों की जांच की गई और 38,64,614 लोगों की चेकिंग हुई।
जारी आंकड़ों के अनुसार, कार्रवाई के दौरान 1,841 मुकदमे दर्ज किए गए और 6,276 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा 16,85,263 लोगों को चेतावनी दी गई। पुलिस ने 59,897 स्थानों पर गश्त और पैदल पेट्रोलिंग भी की।
जागरूकता कार्यक्रमों पर भी जोर
मिशन शक्ति के तहत महिलाओं और बालिकाओं को उनके अधिकारों, सरकारी कल्याणकारी योजनाओं और हेल्पलाइन सेवाओं की जानकारी देने के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। अभियान के दूसरे चरण में लगभग तीन लाख स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थलों की जांच की गई।
महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन की नोडल अधिकारी एडीजी पद्मजा चौहान के मुताबिक, अभियान में जागरूकता, संवाद और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई पर एक साथ जोर दिया गया। संवेदनशील स्थानों पर निगरानी मजबूत करने के लिए महिला अपराधों से जुड़े हॉटस्पॉट क्षेत्रों में 39,454 कैमरे भी लगवाए गए।
महिला सुरक्षा को लेकर अभियान जारी
मिशन शक्ति का उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने के साथ उन्हें अपने अधिकारों और सहायता सेवाओं के प्रति जागरूक करना है। गांवों से लेकर शहरी सार्वजनिक स्थलों तक पुलिस की पहुंच बढ़ाने और जरूरतमंद महिलाओं को सहायता से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। अभियान के आंकड़े पुलिस की गतिविधियों का दायरा दिखाते हैं, जबकि सुरक्षा व्यवस्था के वास्तविक प्रभाव का आकलन शिकायतों के निस्तारण और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े परिणामों के आधार पर किया जा सकता है।
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