कानपुर, लखनऊ और बाराबंकी में पांच फर्मों के आठ ठिकानों पर छापेमारी; 70 लाख रुपये का अघोषित माल सीज, गुप्ता जी एंटरप्राइजेज ने मौके पर जमा कराए 35 लाख रुपये।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पान मसाला, तंबाकू और जर्दा कारोबार से जुड़ी फर्मों पर राज्य कर विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। विभाग की विशेष अनुसंधान शाखा (SIB) की टीमों ने कानपुर, लखनऊ और बाराबंकी में पांच फर्मों के आठ ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। शुरुआती जांच में करीब 3.85 करोड़ रुपये की कर चोरी सामने आई है। कार्रवाई के दौरान लगभग 70 लाख रुपये का अघोषित माल भी जब्त किया गया।
इस अभियान में आठ टीमों के कुल 24 अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहे। अधिकारियों ने कारोबारी दस्तावेजों, जीएसटी रिटर्न, ई-वे बिल और स्टॉक का मिलान किया। जांच में फर्जी बिलिंग, इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के गलत इस्तेमाल और निर्यात के नाम पर कर लाभ लेने से जुड़ी अनियमितताएं सामने आईं।
फर्जी बिलिंग और आईटीसी के जरिए कर चोरी का आरोप
जांच में सामने आया कि कुछ फर्मों ने वास्तविक माल की आपूर्ति किए बिना ही बिक्री के बिल जारी किए। कुछ मामलों में जीएसटी रिटर्न में पंजीकृत कारोबारियों को बिक्री दिखाई गई, जबकि वास्तविक बिक्री अपंजीकृत व्यापारियों को किए जाने की बात सामने आई। इस तरह बिना वास्तविक माल की आपूर्ति के इनपुट टैक्स क्रेडिट आगे बढ़ाने का मामला भी पकड़ा गया।
एक फर्म के मामले में करीब 4.90 करोड़ रुपये का टर्नओवर दिखाकर 1.34 करोड़ रुपये की आईटीसी पास ऑन किए जाने की जानकारी मिली। वहीं, कुछ फर्मों के ई-वे बिल में दर्ज वाहनों की आवाजाही का रिकॉर्ड पोर्टल पर नहीं मिला। इससे फर्जी परिवहन और निर्यात से जुड़े दावों पर भी सवाल उठे हैं।
70 लाख रुपये का अघोषित माल जब्त
कानपुर के हैरिसगंज कैंट स्थित एमएंडएन एंटरप्राइजेज के प्रतिष्ठान पर जांच के दौरान करीब 70 लाख रुपये का तंबाकू, पान मसाला और सिगरेट का अघोषित स्टॉक मिला, जिसे विभाग ने सीज कर दिया। जांच में इस फर्म से जुड़ी बिलिंग और आईटीसी संबंधी अनियमितताएं भी सामने आईं।
हर्षनगर स्थित दो अन्य फर्मों के रिकॉर्ड की जांच में फर्जी निर्यात और ई-वे बिल में दर्ज वाहनों की आवाजाही से संबंधित विसंगतियां मिलीं। इन दोनों मामलों में क्रमशः करीब 1.60 करोड़ और 1.45 करोड़ रुपये की कर चोरी का शुरुआती आकलन किया गया।
स्टॉक में अंतर मिलने पर भी कार्रवाई
कानपुर के नयागंज स्थित श्री बालाजी ट्रेडर्स के रिकॉर्ड में एक करोड़ रुपये से अधिक का स्टॉक होना दर्शाया गया था, लेकिन मौके पर करीब 24.35 लाख रुपये का माल ही मिला। स्टॉक में अंतर के आधार पर विभाग ने करीब 50 लाख रुपये की कर चोरी पकड़े जाने की जानकारी दी।
वहीं, लाटूश रोड स्थित जर्दा और पान मसाला कारोबारी गुप्ता जी एंटरप्राइजेज के यहां भी स्टॉक में करीब 80 लाख रुपये का अंतर पाया गया। कार्रवाई के दौरान फर्म संचालक ने मौके पर ही 35 लाख रुपये राजकोष में जमा का दिए। अधिकारियों ने संबंधित दस्तावेज भी जब्त किए हैं।
दस्तावेजों और कारोबार के रिकॉर्ड की जांच जारी
राज्य कर विभाग की यह कार्रवाई विभागीय आंकड़ों के विश्लेषण और गोपनीय सूचनाओं के आधार पर की गई। अधिकारियों ने फर्मों के स्टॉक, खरीद-बिक्री, ई-वे बिल और जीएसटी रिटर्न से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की है। शुरुआती जांच में सामने आई कर चोरी की रकम के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई से पान मसाला और तंबाकू कारोबार में फर्जी बिलिंग, कागजी निर्यात और आईटीसी के कथित दुरुपयोग पर विभाग की निगरानी तेज होने के संकेत मिले हैं।
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