• Home
  • उत्तर प्रदेश
  • UP Panchayat Election 2026: जातिवार आरक्षण और पिछड़ा वर्ग आयोग गठन में देरी से पंचायत चुनाव टलने के आसार

UP Panchayat Election 2026: जातिवार आरक्षण और पिछड़ा वर्ग आयोग गठन में देरी से पंचायत चुनाव टलने के आसार

उत्तर प्रदेश में प्रस्तावित त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव समय पर कराए जाने को लेकर संशय की स्थिति बन गई है। शासन ने हाईकोर्ट में दाखिल हलफनामे में भले ही समय से चुनाव कराने का दावा किया हो, लेकिन जातिवार आरक्षण तय करने और समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन में देरी बड़ी बाधा बनती दिख रही है।

प्रदेश में अप्रैल-मई में पंचायत चुनाव प्रस्तावित हैं, लेकिन अभी तक समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन नहीं हो सका है। सूत्रों के अनुसार, आयोग के गठन के बाद भी सीटों के आरक्षण निर्धारण की प्रक्रिया में एक से डेढ़ महीने का समय लग सकता है। इसके अलावा परिसीमन, अधिसूचना और अन्य औपचारिकताओं को पूरा करना भी चुनौतीपूर्ण होगा। ऐसे में चुनाव को एक या दो महीने तक टालने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

इससे पहले पंचायतीराज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने समयानुसार चुनाव कराने की बात कही थी, लेकिन प्रशासनिक तैयारियों की मौजूदा स्थिति को देखते हुए स्थिति स्पष्ट नहीं है। पंचायती राज विभाग के सूत्रों के मुताबिक 12 जनवरी को हाईकोर्ट में एक पीआईएल के जवाब में हलफनामा दाखिल किया गया था, जिसमें आयोग गठन की पत्रावली शासन को भेजे जाने की जानकारी दी गई है। हालांकि चुनाव की तिथियों को लेकर हलफनामा स्पष्ट नहीं है।

दरअसल, पंचायत चुनाव में सबसे बड़ी चुनौती जातिवार आरक्षण तय करना है। जनगणना 2011 के अनुसार प्रदेश में अनुसूचित जातियों की हिस्सेदारी 20.6982 प्रतिशत और अनुसूचित जनजातियों की 0.5677 प्रतिशत है। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में इन्हीं अनुपातों में सीटें आरक्षित करनी होंगी।

ओबीसी वर्ग का प्रतिशत जनगणना में दर्ज नहीं था। वर्ष 2015 के रैपिड सर्वे के अनुसार ग्रामीण आबादी में अन्य पिछड़ा वर्ग की हिस्सेदारी 53.33 प्रतिशत बताई गई थी, जिसके आधार पर 2021 के पंचायत चुनाव में आरक्षण तय किया गया था। इस बार ओबीसी के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करना अनिवार्य माना जा रहा है। बदलते आंकड़ों और कानूनी प्रक्रिया को ध्यान में रखते हुए आरक्षण निर्धारण में समय लगना तय है।

इन परिस्थितियों को देखते हुए पंचायत चुनाव समय पर कराए जाने को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है और अब अंतिम निर्णय शासन और आयोग गठन की प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।

Related Posts

ललितपुर में 2 किलो 80 ग्राम गांजे के साथ तस्कर गिरफ्तार, एनडीपीएस एक्ट में भेजा गया जेल

सदर कोतवाली पुलिस की कार्रवाई; चौकी प्रभारी प्रशांत राणा के नेतृत्व में आरोपी दबोचा गया। ललितपुर। ललितपुर जिले…

ByBySurmya Post Aug 7, 2026

उत्तराखंड में बारिश का कहर: 6 नदियां उफान पर, 132 सड़कें बंद; दिल्ली-यूपी में भी बाढ़ का संकट

हरिद्वार के कई घाट जलमग्न, यूपी के 30 गांव बाढ़ से प्रभावित; दिल्ली में नाले में बहा युवक,…

ByBySurmya Post Aug 7, 2026

यूपी शिक्षा सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों का वेतन बढ़ा, योगी सरकार ने दी मंजूरी

अध्यक्ष का वेतन ₹2.25 लाख और सदस्यों का ₹2.05 लाख प्रतिमाह हुआ, आवास और वाहन सुविधाओं में भी…

ByBySurmya Post Aug 7, 2026

राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम की अनुमति रद्द होने पर झारखंड मंत्री इरफान अंसारी का हमला

कहा- लोकतंत्र में जनसभा रोकना उचित नहीं; यूपी को बताया पेपर लीक का ‘हेडमास्टर’, जेपीएससी मामले पर भी…

ByBySurmya Post Aug 6, 2026

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top