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लखनऊ : वकीलों की गिरफ्तारी के लिए लगीं दो टीमें

हाईकोर्ट की सख्ती के बाद पुलिस ने कार्रवाई बढ़ाई, कई जिलों में आरोपियों की तलाश जारी

लखनऊ | लखनऊ सिविल कोर्ट परिसर में हुए हमले के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की सख्ती के बाद पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए हैं। पुलिस ने फरार आरोपियों की तलाश के लिए 10 विशेष टीमें बनाई हैं। ये टीमें लखनऊ के साथ-साथ आसपास के जिलों में भी संभावित ठिकानों पर आरोपियों की तलाश कर रही हैं।

मामला उस घटना से जुड़ा है जिसमें मुकदमे की पैरवी के लिए कोर्ट पहुंचे कुछ लोगों पर कथित रूप से कुछ वकीलों और उनके साथियों ने हमला किया था। शिकायतकर्ता के अनुसार, उनके साथ मारपीट की गई और जान से मारने की कोशिश भी की गई। इसके आधार पर पुलिस ने कई नामजद आरोपियों और 40 से 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।

हाईकोर्ट ने दिए सख्त निर्देश

मामले की सुनवाई के दौरान इलाहाबाद हाईकोर्ट ने घटना को गंभीर मानते हुए कड़ा रुख अपनाया। अदालत ने आरोपित वकीलों के जिला अदालतों में प्रवेश पर 24 अगस्त तक रोक लगाने के साथ ही मामले की निष्पक्ष जांच और पीड़ित पक्ष की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

एक आरोपी ने किया आत्मसमर्पण, अन्य की तलाश जारी

पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी सौरभ वर्मा ने अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया है। वहीं, अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर तलाश कर रही है। जांच में सीसीटीवी फुटेज, वीडियो और अन्य साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।

विशेष शिकायत प्रकोष्ठ बनाया गया

घटना के बाद पुलिस ने लोगों की शिकायतें दर्ज करने के लिए एक विशेष प्रकोष्ठ भी बनाया है। पुलिस का कहना है कि यदि कोई व्यक्ति वकील का वेश धारण कर जमीन, मकान या प्लॉट से जुड़े मामलों में अवैध दबाव बनाता है या कब्जे का प्रयास करता है, तो उसकी शिकायत इस प्रकोष्ठ में की जा सकती है।

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