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चारधाम में वीआईपी दर्शन के लिए बीकेटीसी बनाएगी एसओपी, आम जनमानस को नहीं होगा कष्ट

श्री बदरीनाथ-श्री केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि चारधाम में वीआईपी दर्शन के लिए जल्द ही एक एसओपी तैयार की जाएगी। इसका उद्देश्य यह है कि वीआईपी श्रद्धालु भी सुगमता से भगवान के दर्शन कर सकें और आम जनमानस को किसी तरह की परेशानी न हो। यह जानकारी उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात के बाद मीडिया को दी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि धामों की पौराणिकता, परंपरा और पहचान हर हाल में बनी रहेगी।

हेमंत द्विवेदी ने केदार सभा की आपत्ति पर कहा कि उन्होंने विशेष अतिथि के रूप में मंदिर प्रांगण में अंग वस्त्र पहनकर स्वागत किया, जबकि गर्भगृह में पूजा और अनुष्ठान पूरी तरह तीर्थ पुरोहितों द्वारा संपन्न कराया गया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मंदिर समिति के प्रोटोकॉल के तहत बाहर से आए अतिथियों का सम्मान प्रांगण में किया जाता है, लेकिन गर्भगृह में तीर्थ पुरोहितों के अधिकार क्षेत्र में कोई हस्तक्षेप नहीं किया गया।

बीकेटीसी अध्यक्ष ने बताया कि जब उन्होंने कार्यभार संभाला था, उस समय यात्रा शुरू हो चुकी थी और देशभर से वीआईपी मूवमेंट होता रहता है। इसलिए सभी तीर्थस्थलों और धामों में वीआईपी को लेकर प्रोटोकॉल व्यवस्था रहती है। इस व्यवस्था को और सुव्यवस्थित किया जाएगा ताकि अगली बार कपाट खुलने पर आम जनमानस को कोई असुविधा न हो।

उन्होंने यह भी कहा कि केदारसभा प्राचीन संस्था है और इसके अध्यक्ष राजकुमार तिवारी व पदाधिकारी परिवार के लोग हैं। कोई मतभेद या मनभेद नहीं है और यदि कोई गलतफहमी हो तो बातचीत के माध्यम से उसका समाधान किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि केदारसभा ने इस संबंध में आपत्ति जताते हुए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात में बीकेटीसी अध्यक्ष ने इस साल की चारधाम यात्रा की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि इस सीजन में रिकॉर्ड 31 लाख से अधिक तीर्थयात्रियों ने बदरीनाथ और केदारनाथ धाम के दर्शन किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रद्धालुओं के दर्शन का सिलसिला लगातार जारी रहना चाहिए और चारधाम यात्रा से जुड़ी सभी विकास योजनाओं पर सरकार सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि यात्रा मार्गों में श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा नहीं होनी चाहिए।

हेमंत द्विवेदी ने बताया कि बीकेटीसी जल्द ही मुख्यमंत्री के सुझावों को ध्यान में रखते हुए योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करेगी और चारधाम यात्रा को और अधिक सुव्यवस्थित बनाने की दिशा में कदम उठाएगी।

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