लखनऊ और पश्चिमी यूपी में बढ़ते वायरल फीवर के बीच डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने अधिकारियों को दिए निगरानी बढ़ाने के निर्देश

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में वायरल फीवर और H1N1 के बढ़ते मामलों के बीच स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी तेज कर दी है। उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने लखनऊ स्थित स्वास्थ्य महानिदेशालय में अधिकारियों के साथ स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने खासतौर पर लखनऊ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बुखार के मरीजों की पहचान, ट्रैकिंग और समय पर उपचार सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि अस्पतालों में आने वाले बुखार के मरीजों की स्थिति को गंभीरता से लिया जाए। संदिग्ध मामलों में आवश्यक जांच कराने के साथ मरीजों को समय पर दवाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। स्वास्थ्य विभाग को अस्पतालों में जांच और इलाज से जुड़ी सुविधाओं की लगातार समीक्षा करने को कहा गया है।
H1N1 मामलों पर लगातार नजर
स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रदेश के सभी जिलों में H1N1 से जुड़े मामलों की निगरानी बढ़ाई गई है। हालिया स्वास्थ्य विभागीय सलाह के अनुसार अस्पतालों को संदिग्ध मरीजों की पहचान और उनके फॉलोअप पर ध्यान देने को कहा गया है। 25 अगस्त तक उत्तर प्रदेश में H1N1 के 364 मामले दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई थी।
अधिकारियों के मुताबिक, फिलहाल राज्य में किसी बड़े क्लस्टर की सूचना नहीं है और अधिकांश मामले अलग-अलग स्थानों पर सामने आए हैं। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी को देखते हुए सतर्कता बरत रहा है।
अस्पतालों में दवाओं और जांच की व्यवस्था पर जोर
डिप्टी सीएम ने अस्पतालों में जरूरी दवाओं की उपलब्धता बनाए रखने और मरीजों को उपचार के लिए भटकना न पड़े, यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। गंभीर मरीजों की समय रहते पहचान कर उन्हें आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया है।
स्वास्थ्य अधिकारियों को अस्पतालों की नियमित निगरानी करने और मरीजों की संख्या बढ़ने की स्थिति में पर्याप्त संसाधन उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं लोगों से भी वायरल फीवर या फ्लू जैसे लक्षण दिखने पर चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की गई है।
घबराने के बजाय सावधानी बरतने की अपील
H1N1 को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अनावश्यक डर से बचने और सावधानी बरतने की अपील की है। ICMR के अनुसार देश में मौजूदा H1N1 संक्रमण किसी नए वायरस स्ट्रेन के कारण नहीं है, बल्कि मौसमी फ्लू के मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है।
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