
नई दिल्ली। ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान हुए लाठीचार्ज के बाद जंतर-मंतर का दृश्य केवल राजनीतिक विरोध का नहीं, बल्कि संवेदनशीलता और मानवीय सरोकार का भी साक्षी बना। समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव घायल छात्रों और छात्राओं के बीच पहुंचीं और लंबे समय तक उनके साथ रहीं।
‘कॉकरोच जनता पार्टी’ और उसके सहयोगी संगठनों के नेतृत्व में आयोजित इस मार्च में देशभर से आए हजारों छात्रों ने हिस्सा लिया। प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई में कई छात्र घायल हुए। इसी बीच डिंपल यादव जंतर-मंतर पहुंचीं और चोटिल छात्रों की देखरेख करती नजर आईं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, डिंपल यादव केवल औपचारिक उपस्थिति दर्ज कराने नहीं पहुंचीं, बल्कि घायल छात्रों के पास बैठीं, उनकी स्थिति पर नजर रखती रहीं और उनके प्रति लगातार चिंता व्यक्त करती दिखाई दीं। कई मौकों पर उनकी चिंता और संवेदनशीलता ने वहां मौजूद लोगों का ध्यान आकर्षित किया।

लोगों का कहना है कि जिस तरह एक मां अपने घायल बच्चे की तकलीफ देखकर व्याकुल हो जाती है, उसी तरह डिंपल यादव भी छात्रों की चोटों और उनकी स्थिति को लेकर चिंतित नजर आईं। यही कारण रहा कि राजनीतिक नारों और विरोध प्रदर्शनों के बीच कैमरों का फोकस बार-बार उनकी ओर जाता रहा।
जंतर-मंतर पर मौजूद कई छात्रों और समर्थकों ने उनके इस व्यवहार की सराहना करते हुए इसे राजनीतिक औपचारिकता से आगे बढ़कर मानवीय संवेदना का उदाहरण बताया।













