लखनऊ: इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने शुक्रवार को मोहम्मद समीर को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। समीर पर थाना ठाकुरगंज, लखनऊ में दर्ज एफआईआर संख्या 364/2025 के तहत भादंसं की विभिन्न धाराओं, एससी/एसटी एक्ट और पॉक्सो एक्ट के तहत आरोप लगाए गए थे।

न्यायमूर्ति करुणेश सिंह पवार की अदालत ने यह आदेश पारित किया। अदालत ने कहा कि पीड़िता की उम्र संबंधी चिकित्सीय रिपोर्ट में त्रुटि की संभावना है और बयान में उसने आरोपी से विवाह की इच्छा व्यक्त की है। आरोपी 30 जून 2025 से जेल में निरुद्ध है और उसका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। इन तथ्यों को ध्यान में रखते हुए अदालत ने जमानत याचिका स्वीकार कर ली।
यह आदेश आरोपी की ओर से अधिवक्ता , इरशाद अली, सैयद सुलेमान अब्बास और अब्दुल रहमान (समर) द्वारा पैरवी किए जाने पर पारित हुआ।















