एफएसडीए की छापेमारी में फैक्ट्री से संदिग्ध सामग्री बरामद, लैब जांच के लिए भेजे गए नमूने; रिपोर्ट के आधार पर होगी सख्त कार्रवाई।

कानपुर | उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए नकली हल्दी बनाने के कथित खेल का पर्दाफाश किया है। पनकी क्षेत्र स्थित एक मसाला फैक्ट्री पर छापेमारी के दौरान अधिकारियों को प्रारंभिक जांच में पता चला कि हल्दी की जगह चावल को पीसकर उसमें पीला रंग मिलाया जा रहा था और फिर उसे हल्दी के नाम पर पैक कर बाजार में बेचा जा रहा था।
एफएसडीए अधिकारियों के अनुसार, जांच के दौरान फैक्ट्री में साबुत हल्दी का एक भी दाना नहीं मिला। मौके से संदिग्ध कच्चा माल और तैयार उत्पादों के नमूने जब्त कर प्रयोगशाला जांच के लिए भेज दिए गए हैं।
अधिकारियों का कहना है कि लैब रिपोर्ट आने के बाद यदि मिलावट की पुष्टि होती है, तो संबंधित संचालकों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि प्रारंभिक जांच सही साबित होती है, तो यह मामला केवल उपभोक्ताओं के साथ धोखाधड़ी का नहीं, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर विषय भी है। कृत्रिम रंगों और मिलावटी खाद्य पदार्थों का लंबे समय तक सेवन स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है।
एफएसडीए ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि मसाले खरीदते समय केवल विश्वसनीय ब्रांड और प्रमाणित उत्पादों को प्राथमिकता दें तथा पैकेजिंग और गुणवत्ता की जांच अवश्य करें। विभाग ने कहा कि खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए आगे भी अभियान जारी रहेगा।
Also read: 21 साल पुराने प्रेम विवाह का अनोखा मोड़: पत्नी की उसके प्रेमी से कराई शादी















