कहा- लोकतंत्र में जनसभा रोकना उचित नहीं; यूपी को बताया पेपर लीक का ‘हेडमास्टर’, जेपीएससी मामले पर भी सरकार का रखा पक्ष।

प्रयागराज | प्रयागराज में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के प्रस्तावित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के लिए दी गई अनुमति कार्यक्रम स्थल उपलब्ध कराने वाले पक्ष द्वारा वापस लिए जाने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। झारखंड सरकार में मंत्री इरफान अंसारी ने इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि लोकतंत्र में किसी जनप्रतिनिधि की सार्वजनिक सभा को रोकना उचित नहीं है।
इरफान अंसारी ने आरोप लगाया कि बिहार उपचुनाव और नीट परीक्षा पेपर लीक जैसे मामलों के बाद सरकार दबाव में है। उन्होंने उत्तर प्रदेश को पेपर लीक का “हब” और “हेडमास्टर” बताते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी सांसद की जनसभा को रोका नहीं जाना चाहिए।
उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का नाम लेते हुए कहा कि लोकतंत्र का सम्मान किया जाना चाहिए और राहुल गांधी की बैठक को रोकना उचित नहीं है। उनके अनुसार, राहुल गांधी उत्तर प्रदेश से सांसद हैं और उन्हें जनता के बीच जाने से नहीं रोका जाना चाहिए।
इसी दौरान इरफान अंसारी ने झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) से जुड़े कथित पेपर लीक विवाद पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच और समाधान के लिए चार मंत्रियों की एक समिति बनाई गई है। समिति सभी पक्षों से चर्चा कर मामले का समाधान निकालने का प्रयास करेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य के मुख्यमंत्री पहले ही इस मुद्दे पर अपना पक्ष स्पष्ट कर चुके हैं और सरकार मामले के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठा रही है।
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