मुख्यमंत्री धामी बोले- गांवों में बने उत्पादों को दिल्ली-मुंबई से लेकर वैश्विक बाजार तक पहुंचाना लक्ष्य, ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ बनेगा स्थानीय उत्पादों की पहचान का मजबूत माध्यम

देहरादून। उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों को देश-दुनिया के बाजार तक पहुंचाने की दिशा में राज्य सरकार ब्रांडिंग और बाजार उपलब्ध कराने पर जोर दे रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के तहत आयोजित ‘चौपाल-2026’ में कहा कि राज्य की वास्तविक सफलता तभी मानी जाएगी, जब गांवों में तैयार होने वाले उत्पाद बड़े शहरों और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी जगह बना सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में बनने वाले उत्पादों में क्षमता की कमी नहीं है, जरूरत उन्हें सही पहचान और व्यापक बाजार उपलब्ध कराने की है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए सरकार ने ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ ब्रांड की नींव रखी है।
धामी के मुताबिक, यह ब्रांड उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों को एक संगठित पहचान देने के साथ उन्हें उपभोक्ताओं और बड़े बाजारों तक पहुंचाने का माध्यम बन रहा है। इससे गांवों में तैयार होने वाले उत्पादों के लिए बाजार का दायरा बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए ‘वोकल फॉर लोकल’, ‘लोकल टू ग्लोबल’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के मंत्रों को उत्तराखंड में धरातल पर उतारने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। सरकार का जोर इस बात पर है कि स्थानीय स्तर पर तैयार उत्पाद केवल राज्य तक सीमित न रहें, बल्कि दिल्ली और मुंबई जैसे महानगरों से आगे वैश्विक बाजारों में भी अपनी पहचान बनाएं।
धामी ने कहा कि स्थानीय उत्पादों को बड़े बाजारों से जोड़ना ग्रामीण उद्यमिता और स्वरोजगार को मजबूत करने की दिशा में भी अहम कदम है। ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ के जरिए उत्तराखंड की स्थानीय पहचान को बाजार की नई संभावनाओं से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
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