मोरी गेट-दरागंज के प्रभावित इलाकों में तत्काल कार्रवाई के निर्देश, जिलाधिकारी को सौंपी गई निगरानी की जिम्मेदारी

विधिक संवाददाता | शुभांकर भानु
प्रयागराज। लगातार बारिश के बाद शहर के कई हिस्सों में बने जलभराव को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने प्रशासन को मोरी गेट और दारागंज समेत जलभराव से प्रभावित निचले इलाकों से 24 से 48 घंटे के भीतर पानी निकालने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित लोगों, खासकर बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले असर को लेकर चिंता जताई।
मामले की सुनवाई जस्टिस अजीत कुमार और जस्टिस गरिमा प्रसाद की पीठ ने की। सुनवाई के दौरान प्रयागराज के नगर आयुक्त सीलम साईं तेजा और जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा अदालत के समक्ष उपस्थित हुए। नगर आयुक्त ने कोर्ट को बताया कि दारागंज पाइपलाइन के जरिए पानी निकालने में कुछ तकनीकी दिक्कतें सामने आ रही हैं। उन्होंने यह भी बताया कि जलभराव की समस्या से निपटने के लिए प्रशासन की ओर से एक व्यापक योजना तैयार की गई है।
घरों में घुसा बारिश का पानी, बच्चों की सेहत पर चिंता
अदालत के समक्ष बताया गया कि बारिश के बाद निचले इलाकों में पानी जमा होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और कई घरों में भी पानी पहुंच गया है। कोर्ट ने कहा कि लंबे समय तक जलभराव रहने से विशेष रूप से बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है।
इसी को देखते हुए हाईकोर्ट ने प्रशासन को प्रभावित क्षेत्रों को जल्द से जल्द जलभराव से मुक्त कराने का निर्देश दिया। कोर्ट ने कार्रवाई पूरी होने के बाद स्थिति की रिपोर्ट भी पेश करने को कहा है।
डीएम को दी गई आदेश लागू कराने की जिम्मेदारी
हाईकोर्ट ने आदेश के क्रियान्वयन की निगरानी की जिम्मेदारी प्रयागराज के जिलाधिकारी को सौंपी है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश सरकार के स्थानीय निकाय निदेशक से भी हलफनामा मांगा गया है। इसमें प्रयागराज को भविष्य में जलभराव की समस्या से बचाने के लिए सरकार और स्थानीय प्रशासन की प्रस्तावित योजना का विस्तृत ब्योरा देना होगा।
बारिश से अदालत की कार्यवाही भी हुई थी प्रभावित
यह मामला उस स्वतः संज्ञान कार्रवाई से जुड़ा है, जिसमें हाईकोर्ट ने प्रयागराज में लगातार बारिश के कारण पैदा हुए जलभराव की स्थिति पर चिंता जताई थी। इससे पहले कोर्ट ने कहा था कि जलभराव के कारण न्यायाधीशों को अदालत पहुंचने में परेशानी हो रही है और सुनवाई भी प्रभावित हो रही है।
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