लोको पायलट के तबादले के एवज में रिश्वत मांगने का आरोप; कार्मिक विभाग की फाइलें और कंप्यूटर डेटा जांच के घेरे में

प्रयागराज: उत्तर मध्य रेलवे (NCR) के प्रयागराज स्थित मंडल रेल प्रबंधक (DRM) कार्यालय में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की एंटी करप्शन शाखा की कार्रवाई से हड़कंप मच गया। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, CBI टीम ने कार्मिक विभाग में तैनात एक सहायक कार्मिक अधिकारी (APO) और कार्यालय अधीक्षक (OS) को कथित तौर पर 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है।
बताया जा रहा है कि मामला एक लोको पायलट के तबादले से जुड़ा है। आरोप है कि तबादले की फाइल आगे बढ़ाने और आदेश जारी करने के एवज में अधिकारियों की ओर से रिश्वत की मांग की जा रही थी।
तबादले के लिए रिश्वत मांगने का आरोप
जानकारी के अनुसार, कानपुर में तैनात एक लोको पायलट अपने स्थानांतरण के लिए प्रयागराज मंडल के कार्मिक विभाग से संपर्क कर रहा था। आरोप है कि उसकी ट्रांसफर फाइल लंबित रखी गई और प्रक्रिया आगे बढ़ाने के बदले 50 हजार रुपये की मांग की गई।
शिकायतकर्ता ने कथित रिश्वत मांगने की शिकायत CBI की एंटी करप्शन शाखा से की। इसके बाद एजेंसी ने शिकायत का सत्यापन कराया और कार्रवाई की योजना तैयार की।
शिकायत के बाद CBI ने बिछाया जाल
बताया जा रहा है कि CBI टीम ने शिकायत के आधार पर ट्रैप कार्रवाई की। शिकायतकर्ता को तय रकम के साथ संबंधित अधिकारियों के पास भेजा गया। जैसे ही कथित तौर पर रिश्वत की रकम अधिकारियों तक पहुंची, पहले से मौजूद CBI टीम ने कार्रवाई करते हुए दोनों को हिरासत में ले लिया।
ट्रैप के दौरान इस्तेमाल की गई रकम और उससे जुड़े साक्ष्यों को एजेंसी ने अपने कब्जे में लिया। हालांकि, इस कार्रवाई से संबंधित विस्तृत आधिकारिक विवरण और आरोपियों के नाम की स्वतंत्र पुष्टि अभी उपलब्ध नहीं हो सकी है।
फाइल और कंप्यूटर डेटा की भी जांच
गिरफ्तारी के बाद CBI टीम ने DRM कार्यालय के कार्मिक विभाग में देर तक जांच की। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, लोको पायलट के तबादले से संबंधित पत्रावलियों और अन्य दस्तावेजों की जांच की गई। साथ ही कार्यालय में मौजूद कंप्यूटर डेटा को भी जांच के दायरे में लिया गया।
एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर सकती है कि कथित रिश्वत की मांग केवल एक मामले तक सीमित थी या तबादले और अन्य प्रशासनिक कार्यों से जुड़े मामलों में भी किसी तरह की अनियमितता हुई है।
रेलवे कार्यालय में मचा हड़कंप
DRM कार्यालय जैसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक परिसर में CBI की कार्रवाई की खबर फैलते ही रेलवे कर्मचारियों के बीच हलचल मच गई। कार्रवाई के दौरान जांच टीम ने संबंधित रिकॉर्ड और अधिकारियों से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल की।
यदि जांच में रिश्वत की मांग और लेनदेन से जुड़े आरोपों की पुष्टि होती है तो मामले में भ्रष्टाचार निवारण कानून के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
आरोपों की पुष्टि जांच के बाद होगी
फिलहाल दोनों अधिकारियों के खिलाफ लगाए गए रिश्वत लेने के आरोपों को जांच और न्यायिक प्रक्रिया के संदर्भ में ही देखा जाना चाहिए। CBI की कार्रवाई के बाद आगे की जांच में यह स्पष्ट होगा कि कथित रिश्वत किस उद्देश्य से मांगी गई थी और इस मामले में अन्य किसी व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं।
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