सूत्रों के मुताबिक 13 MLC मंत्रियों में से 7 को विधानसभा चुनाव लड़ाने पर बनी सहमति, सीटों और नामों पर अंतिम फैसला बाकी

लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी संगठन और सरकार के स्तर पर संभावित उम्मीदवारों को लेकर मंथन शुरू हो गया है। इसी कड़ी में विधान परिषद के सदस्यों (MLC) को विधानसभा चुनाव में उतारने की रणनीति पर भी चर्चा सामने आई है।
सूत्रों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री पद संभाल रहे बीजेपी के MLC को आगामी विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी बनाने पर सहमति बनी है। बताया जा रहा है कि सरकार में बीजेपी के कुल 13 MLC मंत्री हैं, जिनमें से करीब 7 नेताओं को विधानसभा चुनाव लड़ाया जा सकता है।
हालांकि, अभी यह तय नहीं हुआ है कि किन नेताओं को चुनावी मैदान में उतारा जाएगा और उन्हें कौन सी विधानसभा सीट दी जाएगी। इन दोनों मामलों पर अंतिम निर्णय पार्टी का केंद्रीय और प्रदेश नेतृत्व करेगा।
विधान परिषद से विधानसभा की ओर बढ़ेगा दांव?
बीजेपी की इस संभावित रणनीति को 2027 के चुनाव में मजबूत चेहरे और संगठनात्मक अनुभव का इस्तेमाल करने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है। MLC के रूप में सरकार में मंत्री पद संभाल रहे नेताओं को सीधे विधानसभा चुनाव में उतारने से पार्टी को उनके प्रशासनिक अनुभव और राजनीतिक पकड़ का लाभ मिल सकता है।
सूत्रों के अनुसार, संभावित सीटों को लेकर भी पार्टी स्तर पर आकलन किया जा रहा है। स्थानीय समीकरण, संगठन की स्थिति और संबंधित नेताओं की राजनीतिक पकड़ को ध्यान में रखते हुए सीटों का चयन किया जा सकता है।
नामों पर अभी सस्पेंस बरकरार
फिलहाल पार्टी की ओर से किसी भी MLC मंत्री के नाम या संभावित विधानसभा सीट की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। ऐसे में 7 संभावित चेहरों को लेकर चल रही चर्चाओं को अभी पार्टी की अंतिम सूची नहीं माना जा सकता।
2027 के विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी की ओर से उम्मीदवारों को लेकर यह शुरुआती स्तर का मंथन माना जा रहा है। आने वाले समय में पार्टी की चुनावी रणनीति और उम्मीदवार चयन को लेकर तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।
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