लहचौड़ा के गणेश मंदिर में गड्ढे से मिले अंकित और इसरार के शव, दो शिष्य हिरासत में; पुलिस जांच में जुटी
बागपत: उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में दो युवकों की हत्या के बाद उनके शव मंदिर परिसर में दबाए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। सिगोली तगा गांव के रहने वाले अंकित और इसरार 25 जुलाई से लापता थे। पुलिस ने दोनों के शव लहचौड़ा स्थित गणेश मंदिर परिसर में गड्ढे से बरामद किए हैं। मामले में मंदिर के महंत नरेश नाथ के फरार होने की बात सामने आई है, जबकि उसके दो शिष्यों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

25 जुलाई को घर से निकले थे दोनों
जानकारी के मुताबिक, सिगोली तगा निवासी 28 वर्षीय इसरार और गांव के ही 28 वर्षीय दिव्यांग अंकित दोस्त थे। दोनों 25 जुलाई को बाइक से घर से निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। परिजनों ने काफी तलाश के बाद 27 जुलाई को चांदीनगर थाने में दोनों की गुमशुदगी दर्ज कराई थी।
पुलिस तभी से दोनों की तलाश में जुटी थी। जांच के दौरान पुलिस को लहचौड़ा स्थित गणेश मंदिर से जुड़े लोगों पर शक हुआ।
मंदिर परिसर में दबे मिले शव
पुलिस ने शक के आधार पर मंदिर के महंत नरेश नाथ से पूछताछ की कोशिश की, लेकिन वह मौके से फरार मिला। इसके बाद पुलिस ने उसके दो शिष्यों को हिरासत में लिया।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ और मिली जानकारी के आधार पर 13 अगस्त की रात करीब तीन बजे मंदिर परिसर में खुदाई कराई गई। यहां एक गड्ढे से दोनों युवकों के शव बरामद हुए। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

महंत की तलाश, दो शिष्यों से पूछताछ
मामले में मुख्य संदिग्ध बताए जा रहे महंत नरेश नाथ की तलाश की जा रही है। पुलिस उसके दोनों शिष्यों से पूछताछ कर रही है और हत्या के पीछे की वजह का पता लगाने में जुटी है।
पुलिस जांच में यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि दोनों युवकों की मौत कब और किन परिस्थितियों में हुई तथा उनके शव मंदिर परिसर में कैसे दबाए गए।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
पुलिस ने शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए बागपत भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मौत की वजह और घटनाक्रम को लेकर तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है। फिलहाल पुलिस फरार महंत की तलाश के साथ मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।
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