अहिल्याबाई होलकर के नाम पर संस्थान के नाम बदलने को मुद्दा बनाने की तैयारी, आज सभी जिलों में श्रद्धांजलि कार्यक्रम

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी ने पिछड़ा वर्ग (OBC) वोटरों के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने की कवायद तेज कर दी है। इसी क्रम में BJP OBC मोर्चा प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों तक पहुंच बनाने और समाजवादी पार्टी के खिलाफ अभियान चलाने की तैयारी में जुटा है। पार्टी की रणनीति में OBC समुदाय से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने पर जोर दिया जा रहा है।
मिली जानकारी के मुताबिक, OBC मोर्चा का फोकस पूर्व मुख्यमंत्री और समाज सुधारक अहिल्याबाई होलकर से जुड़े मुद्दों पर भी रहेगा। पार्टी की ओर से उनके नाम पर बने संस्थानों के नाम बदले जाने को लेकर समाजवादी पार्टी से सवाल करने की रणनीति पर काम किया जा रहा है।
सभी जिलों में अहिल्याबाई होलकर को श्रद्धांजलि
अहिल्याबाई होलकर की पुण्यतिथि के अवसर पर BJP OBC मोर्चा की ओर से प्रदेश के सभी जिलों में कार्यक्रम आयोजित किए जाने की बात सामने आई है। इन कार्यक्रमों में उन्हें श्रद्धांजलि देने के साथ उनके सामाजिक योगदान को याद किया जाएगा।
इसके जरिए पार्टी OBC समुदाय के बीच अपनी पहुंच बढ़ाने और विभिन्न पिछड़ी जातियों के साथ संगठनात्मक संपर्क मजबूत करने की कोशिश करेगी। जून में भी BJP OBC मोर्चा की रणनीति में प्रदेश की OBC समुदायों तक पहुंच बढ़ाने और उन्हें पार्टी की नीतियों व योजनाओं से जोड़ने पर जोर दिया गया था।
अहिल्याबाई के नाम पर राजनीति गरमाने की तैयारी
BJP OBC मोर्चा की प्रस्तावित रणनीति में अहिल्याबाई होलकर के नाम से जुड़े संस्थानों के नाम बदलने का मुद्दा भी शामिल बताया जा रहा है। पार्टी पदाधिकारी इस मुद्दे को लेकर समाजवादी पार्टी से सवाल खड़े कर सकते हैं।
इस अभियान का उद्देश्य केवल श्रद्धांजलि कार्यक्रमों तक सीमित रहने के बजाय OBC समाज के बीच राजनीतिक संवाद को बढ़ाना बताया जा रहा है। विधानसभा चुनाव 2027 में होने हैं और राज्य की सभी 403 सीटों पर मुकाबला होना है।
OBC वोट बैंक पर BJP का फोकस
उत्तर प्रदेश की चुनावी राजनीति में OBC मतदाता लंबे समय से महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं। ऐसे में BJP का OBC मोर्चा विभिन्न पिछड़ी जातियों के बीच संपर्क बढ़ाने, सरकार की योजनाओं की जानकारी पहुंचाने और संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है।
इससे पहले BJP OBC मोर्चा की बैठकों में राज्य की OBC सूची में शामिल समुदायों तक पहुंच बनाने और परिवारों से संपर्क मजबूत करने की रणनीति पर भी चर्चा हो चुकी है।
आगामी चुनाव को देखते हुए यह अभियान BJP और समाजवादी पार्टी के बीच OBC वोटों को लेकर बढ़ती राजनीतिक प्रतिस्पर्धा का हिस्सा माना जा रहा है। हालांकि, आगामी कार्यक्रमों और अभियान का अंतिम स्वरूप पार्टी की ओर से आधिकारिक तौर पर स्पष्ट किया जाना बाकी है।
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