कोर्ट परिसर के आसपास अतिक्रमण के खिलाफ एक्शन, बिजली काटकर शुरू किया गया ध्वस्तीकरण अभियान

लखनऊ। राजधानी में जिला कोर्ट परिसर के आसपास बने कथित अवैध निर्माणों के खिलाफ नगर निगम ने एक बार फिर कार्रवाई शुरू कर दी है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के निर्देशों के अनुपालन में नगर निगम की टीम ने रविवार को वकीलों के चैंबरों और अन्य चिन्हित निर्माणों को हटाने के लिए बुलडोजर चलाया। कार्रवाई से पहले संबंधित इलाके की बिजली आपूर्ति भी बंद कराई गई।
नगर निगम ने कोर्ट परिसर के आसपास सरकारी जमीन, नालों और रास्तों पर बने निर्माणों को अतिक्रमण की श्रेणी में रखते हुए पहले नोटिस जारी किए थे। संबंधित लोगों को तय समयसीमा के भीतर स्वयं कब्जा हटाने का मौका दिया गया था। समय सीमा समाप्त होने के बाद प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई आगे बढ़ाई।
सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद बढ़ी कार्रवाई
वकीलों की ओर से हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी। हालांकि, वहां से तत्काल राहत नहीं मिलने के बाद नगर निगम ने न्यायालय के निर्देश के तहत कार्रवाई आगे बढ़ाई। रिपोर्टों के मुताबिक, रविवार शाम पुलिस और प्रशासन की टीम पहले मौके पर पहुंची, जिसके बाद नगर निगम की मशीनरी ने ध्वस्तीकरण शुरू किया।
कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए भारी पुलिस बल तैनात रहा। नगर निगम की टीम कई बुलडोजर और भारी वाहनों के साथ मौके पर पहुंची थी। अधिकारियों की निगरानी में चिन्हित निर्माणों को हटाने का काम किया गया।
पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
वकीलों के चैंबरों के खिलाफ यह पहली कार्रवाई नहीं है। इससे पहले मई में भी हाईकोर्ट के निर्देश के बाद नगर निगम ने कोर्ट परिसर के आसपास अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया था। उस समय कार्रवाई को लेकर वकीलों की ओर से विरोध भी किया गया था। अब दोबारा शुरू हुआ अभियान उसी कार्रवाई के अगले चरण के तौर पर देखा जा रहा है।
नगर निगम की ओर से करीब 200 चैंबरों और अन्य अतिक्रमणों को नोटिस दिए जाने की रिपोर्ट सामने आई थी। हालांकि रविवार को हुई वास्तविक ध्वस्तीकरण कार्रवाई में चिन्हित निर्माणों की संख्या अलग-अलग रिपोर्टों में अलग बताई गई है।
प्रशासन का रुख है कि न्यायालय के निर्देशों के तहत सरकारी भूमि और सार्वजनिक रास्तों पर किए गए अतिक्रमण को हटाया जाएगा। वहीं, इस कार्रवाई से प्रभावित अधिवक्ताओं की ओर से मामले में पहले भी कानूनी राहत की कोशिश की गई थी।
Also Read: शाहजहांपुर के स्कूलों में PTM से मजबूत हुई अभिभावकों की भागीदारी, ‘सब पढ़ें-सब बढ़ें’ पर जोर















