निगोही के उदरिया गांव में पुलिस की कार्रवाई, अधबने ट्रांसफार्मर और करीब 150 लीटर तेल भी मिला

शाहजहांपुर। उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में बिजली विभाग से जुड़े एक संविदाकर्मी के घर के पास संदिग्ध हालत में रखे पांच विद्युत ट्रांसफार्मर मिलने से मामला गरमा गया है। निगोही थाना क्षेत्र के उदरिया गांव में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए ट्रांसफार्मरों के साथ उनके निर्माण और मरम्मत में इस्तेमाल होने वाला अन्य सामान भी बरामद किया है। मामले में बिजली विभाग के स्तर पर भी जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस के मुताबिक बरामद ट्रांसफार्मरों में 25 केवीए क्षमता के तीन, जबकि 63 केवीए और 100 केवीए क्षमता का एक-एक ट्रांसफार्मर शामिल है। मौके से करीब 150 लीटर ट्रांसफार्मर ऑयल भी मिला है। इसके अलावा कुछ अधबने ट्रांसफार्मर और उन्हें तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण मिलने की भी जानकारी सामने आई है।
संविदाकर्मी से पूछताछ, जवाब देने के बजाय भागने का आरोप
पुलिस की कार्रवाई विद्युत विभाग के अधिकृत ठेकेदार की सूचना के बाद हुई। ठेकेदार ने पुलिस को दी शिकायत में बरामद सामान के चोरी का होने की आशंका जताई है और पूरे मामले की जांच की मांग की है।
रिपोर्ट के मुताबिक, मौके पर मौजूद संविदाकर्मी से जब ट्रांसफार्मरों के संबंध में जानकारी मांगी गई तो वह कथित तौर पर संतोषजनक जवाब देने के बजाय वहां से चला गया। इसके बाद पुलिस ने बरामद सामान को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू की।
बिजली निगम की टीम करेगी जांच
विद्युत निगम के अधिकारियों ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कराने की बात कही है। विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि सरकारी इस्तेमाल के लिए रखे जाने वाले ट्रांसफार्मर और अन्य सामग्री संविदाकर्मी के घर के पास कैसे पहुंची।
सीओ शुभम वर्मा के अनुसार, मामले की जांच के लिए विद्युत निगम के स्तर पर कमेटी गठित की जा रही है। कमेटी की रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल बरामद ट्रांसफार्मरों को चोरी का बताना जांच पूरी होने से पहले जल्दबाजी होगी।
ट्रांसफार्मर की मरम्मत से जुड़ा है ठेकेदार का काम
मामले में शिकायत देने वाले अधिकृत ठेकेदार के अनुसार उनकी फर्म बिजली कार्यशाला में खराब ट्रांसफार्मरों की मरम्मत कराने और उन्हें जीपीएस लगे वाहनों के जरिए निर्धारित स्थानों तक पहुंचाने का काम करती है। इसी वजह से बरामद ट्रांसफार्मरों के स्रोत और उनकी आवाजाही की जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
अब विभागीय रिकॉर्ड, ट्रांसफार्मरों की पहचान और उनके आवंटन से जुड़े दस्तावेजों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि बरामद सामान सरकारी रिकॉर्ड से मेल खाता है या नहीं और इसे उदरिया गांव में रखने का कारण क्या था।
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