व्यापारी को मादक पदार्थ के मामले में फंसाने की धमकी देकर 2 लाख रुपये वसूलने का आरोप; दो सिपाही गिरफ्तार, दो की तलाश जारी

शाहजहांपुर: उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। एक सराफा कारोबारी को कथित तौर पर मादक पदार्थ के मामले में फंसाने, उसकी बाइक में नशीला पदार्थ रखने और दो लाख रुपये वसूलने के आरोप में तिलहर थाने में तैनात चार सिपाहियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। चारों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है, जबकि दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और दो की तलाश जारी है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी सिपाहियों की पहचान अरुण चित्तौड़िया, पंकज, तुषार और वीरेंद्र के रूप में हुई है। मामले में एक अज्ञात व्यक्ति की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस अधीक्षक सौरभ दीक्षित के मुताबिक, शिकायत और शुरुआती जांच के आधार पर कार्रवाई की गई है।
जेवर गिरवी रखने के बहाने बुलाने का आरोप
शिकायत के मुताबिक, सराफा कारोबारी सुंदरम क्षत्रिय को 4 सितंबर की रात जेवर गिरवी रखने के बहाने फोन किया गया था। इसके बाद उन्हें जलालाबाद के सरैया मोड़ के पास बुलाया गया। वहां सादे कपड़ों में पहुंचे चार पुलिसकर्मियों ने कथित तौर पर उन्हें अपने साथ चलने को कहा।
सुंदरम का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उन्हें एक सुनसान स्थान पर ले जाकर उनकी तलाशी ली और अपनी ओर से लाई गई एक पॉलिथीन उनकी बाइक में रख दी। इसके बाद उन्हें मादक पदार्थ रखने के आरोप में तिलहर थाना क्षेत्र की बिरियागंज पुलिस चौकी ले जाया गया।
स्मैक के मामले में फंसाने की धमकी और 3 लाख की मांग
पुलिस के मुताबिक, शिकायत में कारोबारी ने आरोप लगाया है कि चौकी पर उसके साथ मारपीट और मानसिक उत्पीड़न किया गया। आरोप है कि उसे मादक पदार्थ की तस्करी के मामले में जेल भेजने की धमकी दी गई और शुरुआत में तीन लाख रुपये की मांग की गई।
इसके बाद परिजनों से संपर्क किया गया। शिकायत के अनुसार, परिवार ने रात में दो लाख रुपये की व्यवस्था की, जिसके बाद सुंदरम को छोड़ दिया गया। पुलिस ने इस मामले में जबरन वसूली, अवैध हिरासत और धमकी समेत संबंधित धाराओं में कार्रवाई की है।
पेट्रोल डालने के आरोप पर पुलिस का अलग पक्ष
मामले का सबसे गंभीर आरोप यह है कि कारोबारी के साथ कथित तौर पर अमानवीय तरीके से व्यवहार किया गया और उसके निजी अंग पर पेट्रोल डालने की धमकी दी गई। कुछ रिपोर्टों में पीड़ित की ओर से निजी अंग में पेट्रोल डालने का आरोप भी सामने आया है।
हालांकि, पुलिस अधिकारियों ने पेट्रोल डालने की बात से इनकार किया है। इसलिए इस आरोप को फिलहाल जांच के दायरे में बताया जा रहा है और इसे स्थापित तथ्य के रूप में पेश करना उचित नहीं है।
ऑडियो और CCTV फुटेज भी जांच का हिस्सा
पुलिस के मुताबिक, शिकायतकर्ता ने घटना से संबंधित कुछ ऑडियो रिकॉर्डिंग और CCTV फुटेज भी उपलब्ध कराए हैं। इन्हें जांच में शामिल किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और आरोपों की पुष्टि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।
दो सिपाही गिरफ्तार, दो की तलाश
मामले में पंकज और वीरेंद्र को गिरफ्तार किया गया है। वहीं अरुण चित्तौड़िया और तुषार की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों को लगाया गया है। चारों सिपाहियों को निलंबित किया जा चुका है।
पुलिस अधीक्षक सौरभ दीक्षित ने कहा है कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। अब जांच का फोकस यह पता लगाने पर है कि कारोबारी को कथित तौर पर कैसे हिरासत में लिया गया, नशीला पदार्थ कहां से आया और पैसे की वसूली में किन लोगों की भूमिका थी।
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