NDRF की दो टीमें रेस्क्यू में जुटीं; 13 लोगों को मलबे से निकाला गया, इमारत मालिक के खिलाफ FIR और मजिस्ट्रियल जांच के आदेश

नई दिल्ली: दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पांच मंजिला इमारत के अचानक ढहने से बड़ा हादसा हो गया। दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के इस घनी आबादी वाले इलाके में 6 सितंबर की दोपहर हुए हादसे में अब तक छह लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। मलबे में लोगों के फंसे होने की आशंका के चलते NDRF, दिल्ली फायर सर्विस, पुलिस और अन्य एजेंसियों ने घंटों तक अभियान चलाया।
NDRF के DG एन.एस. बुंदेला ने बताया था कि उनकी दो टीमें बचाव अभियान में लगी हैं। उनके मुताबिक उस समय तक 11 लोगों को मलबे से निकाला गया था, जिनमें छह की मौत हो गई थी और पांच का अस्पताल में इलाज चल रहा था। बाद के अपडेट में बचाव दलों द्वारा कुल 13 लोगों को बाहर निकालने की जानकारी सामने आई।
छात्रों के PG के रूप में इस्तेमाल हो रही थी इमारत
यह इमारत दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के नजदीक स्थित थी और इसका इस्तेमाल छात्रों के लिए पेइंग गेस्ट यानी PG के रूप में किया जा रहा था। रिपोर्टों के मुताबिक इमारत करीब चार से पांच दशक पुरानी थी और इसमें बेसमेंट के साथ कई मंजिलें थीं।
हादसा रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे हुआ। पुलिस के मुताबिक, इमारत के ग्राउंड फ्लोर या बेसमेंट में मरम्मत और निर्माण से जुड़ा काम चल रहा था। प्रारंभिक जांच में इसी काम को इमारत के ढहने की संभावित वजहों में शामिल किया गया है। हालांकि, हादसे की वास्तविक वजह की विस्तृत जांच अभी जारी है।
मलबे के नीचे फंसे लोगों को निकालना चुनौतीपूर्ण
इमारत के ढहने के बाद भारी कंक्रीट और स्लैब एक के ऊपर एक गिर गए। इसे बचाव दलों ने ‘पैनकेक कोलैप्स’ जैसा बताया, जिससे मलबे में फंसे लोगों तक पहुंचना बेहद मुश्किल हो गया।
NDRF और अन्य एजेंसियों ने छोटे और विशेष उपकरणों के साथ सावधानीपूर्वक बचाव अभियान चलाया। खोजी कुत्तों और लाइफ-डिटेक्शन उपकरणों की भी मदद ली गई। NDRF की दो टीमें, जिनमें करीब 70 कर्मी शामिल थे, मौके पर पहुंचीं और बचाव कार्य में जुटीं।
स्थानीय लोगों और आसपास रहने वाले छात्रों ने भी शुरुआती बचाव कार्य में मदद की। कई लोगों ने मलबे से ईंटें और अन्य सामान हाथों से हटाकर बचावकर्मियों के लिए रास्ता बनाने में सहयोग किया।
इमारत मालिक के खिलाफ FIR
हादसे के बाद दिल्ली पुलिस ने इमारत के कथित मालिक हरिराम और अन्य लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। मामला दक्षिण कैंपस थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 105, 290 और 125 के तहत दर्ज किया गया है।
पुलिस के अनुसार, इमारत में कथित तौर पर मरम्मत का काम चल रहा था और इसी दौरान ढांचा ढह गया। आरोपियों की भूमिका की जांच के लिए पुलिस ने कई टीमें गठित की हैं। बाद में पुलिस ने कथित मालिक हरिराम के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी करने की कार्रवाई भी शुरू की।
मुख्यमंत्री ने दिए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घटनास्थल का दौरा किया और बाद में AIIMS ट्रॉमा सेंटर पहुंचकर घायलों का हाल जाना। उन्होंने मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हादसे के लिए जो भी जिम्मेदार पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने हादसे के बाद भवन सुरक्षा और नियमों के पालन को लेकर भी सवालों के बीच कार्रवाई तेज करने के संकेत दिए हैं।
हादसे ने PG और पुरानी इमारतों की सुरक्षा पर उठाए सवाल
सत्य निकेतन हादसे ने दिल्ली में छात्रों के लिए चल रहे PG और पुरानी इमारतों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, यह इमारत काफी पुरानी थी और इसमें मरम्मत का काम भी चल रहा था।
घटना के बाद MCD ने ऐसे भवनों की जांच और नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। चार से अधिक मंजिल वाले कुछ कथित अवैध निर्माणों को सील करने की कार्रवाई भी सामने आई है।
फिलहाल राहत और बचाव अभियान के बाद जांच का फोकस इमारत की संरचनात्मक स्थिति, मरम्मत कार्य, निर्माण नियमों के पालन और जिम्मेदार लोगों की भूमिका पर है। हादसे में छह लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है और प्रशासन ने मामले की जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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