स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में लखनऊ ने 177.6 अंक के साथ हासिल किया पहला स्थान; PM10 में 31% सुधार ने दिलाई राष्ट्रीय पहचान

लखनऊ। वायु प्रदूषण से जूझ रहे देश के बड़े शहरों के बीच लखनऊ ने स्वच्छ हवा की दिशा में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) के तहत किए गए स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में लखनऊ ने एक लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी में देश में पहला स्थान हासिल किया था। शहर को इस उपलब्धि के लिए 177.6 अंक मिले थे।
लखनऊ की इस उपलब्धि में शहर में प्रदूषण कम करने के लिए उठाए गए विभिन्न कदमों की भूमिका रही। मूल्यांकन में केवल उस समय की हवा की गुणवत्ता को आधार नहीं बनाया गया था, बल्कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए किए गए कामों और उनके प्रभाव का भी आकलन किया गया। इसमें ठोस कचरा प्रबंधन, सड़क की धूल पर नियंत्रण, निर्माण एवं विध्वंस से निकलने वाले मलबे का प्रबंधन, वाहनों से होने वाले उत्सर्जन को नियंत्रित करना, औद्योगिक प्रदूषण पर कार्रवाई और जनजागरूकता जैसे मानक शामिल थे।
रिपोर्ट के मुताबिक, लखनऊ ने 2019-20 से 2021-22 के बीच औसत PM10 स्तर में 31 प्रतिशत की कमी दर्ज की। इसी प्रदर्शन के आधार पर शहर को पहली रैंक के साथ 1.5 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि भी मिली थी।
NCAP का लक्ष्य क्या है?
केंद्र सरकार ने जनवरी 2019 में राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम शुरू किया था। इसका उद्देश्य देश के गैर-प्राप्ति (Non-Attainment) और बड़े शहरों में वायु प्रदूषण को कम करना है। कार्यक्रम के तहत शहरों के लिए स्थानीय स्तर पर कार्ययोजनाएं तैयार की गईं और PM10 जैसे प्रदूषकों की मात्रा घटाने के लक्ष्य निर्धारित किए गए। सरकार ने 2025-26 तक PM10 स्तर में अधिकतम 40 प्रतिशत तक कमी लाने अथवा राष्ट्रीय परिवेशी वायु गुणवत्ता मानकों को हासिल करने का लक्ष्य रखा था।
लखनऊ के लिए उपलब्धि इसलिए भी अहम
लखनऊ लंबे समय से देश के उन बड़े शहरों में शामिल रहा है जहां सर्दियों के मौसम में प्रदूषण की समस्या गंभीर होती है। ऐसे में NCAP के तहत शहर का बेहतर प्रदर्शन यह बताता है कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए किए गए स्थानीय उपायों का असर मापा जा सकता है। हालांकि, स्वच्छ हवा की चुनौती खत्म नहीं हुई है और लगातार निगरानी, सड़क की धूल पर नियंत्रण, कचरा जलाने पर रोक तथा वाहनों और निर्माण गतिविधियों से होने वाले उत्सर्जन को कम करना आगे भी जरूरी रहेगा।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के PRANA पोर्टल पर NCAP के तहत शहरों में चल रहे वायु प्रदूषण नियंत्रण कार्यों की निगरानी की जाती है।
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